
पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक (जेडी) डॉ. एसएस तंवर ने बताया कि जिन पोल्ट्री फार्मों में जितना स्टॉक उपलब्ध है, केवल उसी की बिक्री की अनुमति दी गई है। अगले दो महीनों तक कोई भी व्यापारी बाहर से नया माल लाकर बिक्री नहीं कर सकेगा। जिला प्रशासन ने इस पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
1 से 10 KM के दायरे में लगातार होगी निगरानी
उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की ओर से 1 से 10 किमी तक के क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी। केंद्र और राज्य की टीम ने लगातार तीन दिनों तक संक्रमित और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है।
करीब 18 दिन बाद व्यापारियों को राहत मिली है, लेकिन यह सीमित है। एक व्यापारी के अनुसार मौजूदा स्टॉक 8 से 10 दिनों में खत्म हो जाएगा, जिसके बाद कारोबार ठप होने की स्थिति बन सकती है।
सर्विलांस जोन में 3 माह तक सख्त निगरानी
संक्रमित क्षेत्र से बाहर 1 से 10 किमी के दायरे को सर्विलांस जोन घोषित किया गया है। यहां भारत सरकार के पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान के तहत हर 15 दिन में नमूने लिए जाएंगे। प्रत्येक चरण में 25% क्षेत्र से सैंपल कलेक्शन होगा, जिससे तीन माह तक चार चरणों में पूरे क्षेत्र की जांच पूरी की जाएगी। सभी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही क्षेत्र को रोगमुक्त घोषित किया जाएगा।
संक्रमित क्षेत्र में पूरी तरह प्रतिबंध
एपिसेंटर यानी 0-1 किमी क्षेत्र में कम से कम 3 महीने तक पक्षियों के पालन और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने और क्षेत्र को रोगमुक्त घोषित किए जाने के बाद ही गतिविधियां दोबारा शुरू की जाएंगी।