
देश की आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान सिर्फ सरहदों और घने जंगलों में ही दुश्मनों से लोहा नहीं लेते, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी वह किसी देवदूत से कम नहीं हैं। चौंकाने वाला मामला गरियाबंद जिले के दबनई इलाके से सामने आया है, जहां 65 वीं बटालियन (65 BN CRPF) के जवानों की सतर्कता ने एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हुए युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार,आज ग्राम छिंदोला के रहने वाले 23 वर्षीय राजाराम नेताम (पुत्र श्री धनीराम नेताम) अपनी पत्नी और बच्चों को लेने के लिए मोटरसाइकिल से भैसामुंँडा (टीमनपुर) गए हुए थे। वापसी के दौरान दबनई के पास अचानक उनका वाहन अनियंत्रित होकर गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि राजाराम गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क किनारे बेसुध अवस्था में पड़े थे। अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी जान पर बन आई थी।
जब मसीहा बनकर पहुंँचे 65 बटालियन के जवान
हादसे के ठीक बाद, उसी मार्ग से 65 BN CRPF की टुकड़ी गुजर रही थी। सड़क किनारे खून से लथपथ तड़पते युवक को देखकर जवानों ने तुरंत अपना काफिला रोका। बिना एक पल की देरी किए, जवानों ने अपनी मेडिकल किट निकाली और घायल राजाराम नेताम को वहीं सड़क पर प्राथमिक उपचार (First Aid) देना शुरू किया।
स्थिति की गंभीरता को भांँपते हुए, CRPF के जवानों ने घायल युवक को तुरंत अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), मैनपुर पहुंँचाया। मैनपुर में डॉक्टरों ने प्रारंभिक उपचार के बाद युवक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गरियाबंद रेफर कर दिया है, जहां फिलहाल उनका सघन उपचार जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सही समय पर CRPF जवानों ने प्राथमिक उपचार नहीं दिया होता, तो युवक की जान जा सकती थी।
सुरक्षा के साथ सेवा का भी संकल्प
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि 65 BN CRPF न केवल नक्सल मोर्चे पर देश की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रही है, बल्कि आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में आम नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए भी 24 घंटे तत्पर है। जवानों की इस मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।