कोरबा में एनटीपीसी परियोजना के ठेका श्रमिकों ने वेतन मांगने पर मिल रही धमकियों और काम से हटाए जाने के खिलाफ दर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई

Chhattisgarh Crimesकोरबा में एनटीपीसी परियोजना के ठेका श्रमिकों ने वेतन मांगने पर मिल रही धमकियों और काम से हटाए जाने के खिलाफ दर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रमिक थाने पहुंचे और ठेका कंपनियों पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाया।

शिकायत करने वाले श्रमिकों में एसईपीएल, नवरूप इंडिया, बेगिन, केसीपीएल और आरवीपीआर जैसी कंपनियों से जुड़े मजदूर शामिल हैं। ये श्रमिक एनटीपीसी के बिजली घर से संबंधित विभिन्न कार्यों में नियोजित हैं।

श्रमिकों का आरोप- तय वेतन नहीं दे रही ठेका कंपनियां

श्रमिकों ने आरोप लगाया कि ठेका कंपनियां उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दे रही हैं। कंपनियों का कहना है कि कोरबा जोन ‘सी’ कैटेगरी में आता है, इसलिए उन्हें दी जा रही राशि ही अंतिम है। हालांकि, श्रमिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कोरबा जोन ‘बी’ कैटेगरी में आता है और उन्हें नियमानुसार ‘बी’ कैटेगरी के वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए।

‘बी’ कैटेगरी के वेतन की मांग पर दी जाती है धमकी

श्रमिकों ने बताया कि जब वे ‘बी’ कैटेगरी के वेतन की मांग करते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है या नोटिस थमा दिया जाता है। कई मामलों में कंपनियों ने कर्मियों को काम से हटा भी दिया है, ताकि अन्य श्रमिक शिकायत या प्रदर्शन करने से डरें।

मजदूरों ने पुलिस को यह भी बताया कि नोटिस देने के बाद उनसे कहा जाता है कि उन्हें हटाकर कम दरों पर अन्य श्रमिकों को काम पर रख लिया जाएगा।

दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने पुष्टि की कि श्रमिकों ने इस संबंध में एक पत्र दिया है, जिसे संज्ञान में लिया जाएगा।

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