छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध लकड़ी परिवहन से परेशान ग्रामीणों ने कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरी मेटाडोर को पकड़ लिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अवैध लकड़ी परिवहन से परेशान ग्रामीणों ने कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरी मेटाडोर को पकड़ लिया। इसके बाद वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाया गया, लेकिन पंचनामा की कार्रवाई के दौरान ड्राइवर और वाहन मालिक गाड़ी मोड़कर लाने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गए।

इस घटनाक्रम के बाद मामला और गरमा गया। जिसके चलते DFO ने संबंधित वन रक्षक को निलंबित कर दिया है।

घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र के ग्राम धोबनी (कुर्रुभाट क्षेत्र) में ग्रामीणों ने कुसुम और कहुआ लकड़ी के गोलों से भरी मेटाडोर को पकड़ा। सूचना मिलते ही वन विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, जिनमें जिला पंचायत सदस्य चुन्नी मानकर और नीलिमा श्याम भी शामिल थे।

पंचनामा की कार्रवाई के दौरान ही मेटाडोर चालक और मालिक गाड़ी को मोड़कर लाने की बात कहकर फरार हो गए, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई।

रोजाना मेटाडोर और ट्रैक्टर से हो रहा परिवहन

जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डौंडी क्षेत्र के कीमती वनों का तेजी से दोहन हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि रोजाना दिनदहाड़े मेटाडोर और ट्रैक्टर के माध्यम से अवैध लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है और विभाग के कुछ कर्मचारी इसमें सांठगांठ कर इस कार्य को बढ़ावा दे रहे हैं।

बालोद DFO ने वन रक्षक को किया निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए बालोद के DFO अभिषेक अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की पुष्टि होने पर वन रक्षक हिमांशु यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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