
पुलिस को 10 अप्रैल की रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि जशपुर से तपकरा होते हुए रायगढ़ जाने वाली वासुदेव बस (क्रमांक CG-13-Q-1800) में अवैध नशीली कफ सिरप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही तपकरा थाना पुलिस ने मुख्य मार्ग पर नाकाबंदी की।
रात करीब 11:45 बजे संदिग्ध बस को रोका गया। तलाशी लेने पर बस की डिक्की में दो झोलों में छिपाकर रखे गए चार कार्टून बरामद हुए।
कार्टूनों से 480 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त
इन कार्टूनों से 100-100 मिलीलीटर की कुल 480 बोतलें प्रतिबंधित कफ सिरप मिलीं। इसमें कोडीन फॉस्फेट और ट्राईपोलिडिन हाइड्रोक्लोराइड युक्त “ऑनरेक्स” नामक सिरप शामिल है। जब्त कुल 48 लीटर कफ सिरप की बाजार कीमत लगभग 96,720 रुपए बताई जा रही है।
शुरुआती पूछताछ में बस स्टाफ ने इस बारे में अनभिज्ञता जताई। हालांकि, पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह नशीली कफ सिरप बिहार के गया से लाई गई थी और इसे रायगढ़ में बेचा जाना था।
तपकरा थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(C) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
बसंत पटेल (33 वर्ष), निवासी बगुडेगा, थाना लैलूंगा, जिला रायगढ़ – कंडक्टर
सतीश कुमार चौहान (45 वर्ष), निवासी नैला जूना तलाब, थाना जांजगीर – खलासी
भोला राम (46 वर्ष), निवासी कंडोरा, थाना कुनकुरी, जिला जशपुर – ड्राइवर
बस भी जब्त, जांच जारी
पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बस (CG-13-Q-1800) को भी जब्त कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि मुखबिर सूचना पर की गई कार्रवाई में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त की गई है। आरोपियों से पूछताछ में सप्लाई नेटवर्क की जानकारी मिली है, जिसकी जांच जारी है। नशे के कारोबार में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।