
जानकारी के मुताबिक ग्राम कापू टोली की रहने वाले उर्मिला बाई (26) ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि साल 2023 में उसकी मुलाकात लोदाम थाना क्षेत्र के रूपसेरा भलमंडा निवासी कालेश्वर राम और मीनी बाई से हुई थी। उन्होंने कई बार घर आकर खुद को ‘हेडजेक्सफंड’ कंपनी का सदस्य बताया।
कालेश्वर राम और मीनी बाई ने उर्मिला की मां चंद्रमणि बाई और परिवार के अन्य सदस्यों को विश्वास दिलाया कि कंपनी में निवेश करने पर तीन महीने के भीतर रकम दोगुनी हो जाएगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मूल राशि ब्याज सहित लौटा दी जाएगी। लालच में आकर उर्मिला और उसकी मां सहित कई अन्य ग्रामीणों ने पैसे इन्वेस्ट किए।
डिजिटल वॉलेट में फर्जी मुनाफे का लालच
उर्मिला बाई ने किश्तों में 1 लाख 70 हजार रुपए कैश और फोन-पे के जरिए ट्रांसफर कर दिए। उसकी मां ने भी 40 हजार रुपए का निवेश किया। इसके बाद पीड़ितों को आईडी और पासवर्ड दिया गया, जिसके जरिए एक डिजिटल वॉलेट में उनकी राशि डॉलर के रूप में बढ़ती हुई दिखाई देती थी।
वॉलेट बंद होते ही खुली ठगी की पोल
कुछ समय बाद वह डिजिटल वॉलेट अचानक बंद हो गया, जब पीड़ितों ने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया, तो वे टालमटोल करने लगे, तब जाकर पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने बगीचा और सन्ना क्षेत्रों के कई अन्य ग्रामीणों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है।
मुख्य आरोपी रिमांड पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 420 और 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की और शिवशंकर राम (29), मीनी बाई (52), कालेश्वर राम (48), अनिल लकड़ा (50), शिवनाथ राम (27) और नीरा सिंह (36) को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी शिवशंकर राम को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
बड़े नेटवर्क और बढ़ते पीड़ितों की आशंका
जबकि बाकी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी शिवशंकर के कब्जे से टोयोटा टायजर (JH-01FU-9460) जब्त किया है, जिसका उपयोग इस ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए कई लोगों से बड़ी रकम वसूली गई है और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है।
सभी दोषियों पर होगी कार्रवाई
डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि नेटवर्किंग कंपनी के नाम पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर ठगी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी से पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है। मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के दौरान सामने आने वाले सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।