
बताया जा रहा है कि यह फाइल जोन कार्यालय से नगर निगम मुख्यालय भेजी जानी थी, लेकिन इसे सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (नगर निवेश) को भेज दिया गया, जो आवास और पर्यावरण विभाग के अधीन आता है।
निगम आयुक्त ने जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे को मुख्यालय अटैच कर दिया है। उनकी जगह मोनेश्वर शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। मोनेश्वर शर्मा ने कहा कि FIR दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
फाइल सीधे भेजना नियमों के खिलाफ
निगम मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह सीधे फाइल भेजना नियमों के खिलाफ है। सामान्य प्रक्रिया के तहत सभी फाइलें पहले निगम मुख्यालय भेजी जाती हैं, जहां से आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाता है। ऐसे में फाइल का इस तरह गायब होना और प्रक्रिया से हटकर भेजा जाना गंभीर गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
मामले के सामने आते ही नगर निगम आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे को मुख्यालय अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। उनकी जगह मोनेश्वर शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निगम प्रशासन का मानना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया खेल हो सकता है।