
आशंका है कि, वो विदेश में बैठकर “3 STUMPS” सिंडिकेट को मॉनिटर कर रहा है। रायपुर में अपने रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से पुणे, मुंबई और गोवा में बैठकर पैनल चलवा रहा था। रायपुर पुलिस ने पिछले दिनों बड़े सिंडिकेट का खुलासा कर पैनल चलाने वाले दर्जनों आरोपियों को पकड़ा था।
बताया जा रहा है कि, इस पूरे नेटवर्क का संचालन देश के अलग-अलग शहरों से किया जा रहा था, जबकि बाबू खेमानी खुद रायपुर से कहीं बाहर बैठकर पूरे सिंडिकेट को कंट्रोल कर रहा था।
रायपुर, मुंबई, पुणे और गोवा जैसे शहरों में उसके रिश्तेदारों और करीबियों की मदद से पैनल ऑपरेट किए जा रहे थे। जांच में खुलासा हुआ है कि इस सट्टा सिंडिकेट में कई लोगों की अलग-अलग भूमिकाएं तय थीं।
ट्रांजेक्शन के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। अलग-अलग शहरों में बैठे ऑपरेटर यूजर्स को जोड़ने, दांव लगवाने और लेन-देन संभालने का काम करते थे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा खिलाया जाता था।
जिससे ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना भी मुश्किल हो जाता था। पैसों का ट्रांजेक्शन करने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल खेमानी सिंडिकेट की तरफ से किया जाता था।