
घटना बालोद कोतावाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को रानीतराई का रहने वाला बुजुर्ग निर्मल यादव अपनी पत्नी के साथ रोज की तरह बकरियों को चराने जंगल की ओर ले गया था। इस दौरान 20 से अधिक आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया।
10 बकरियों को नोच-नोचकर मार डाला
देखते ही देखते कुत्तों ने 10 बकरियों को नोच-नोचकर मार डाला। इस दौरान कुत्तों ने दंपती को भी दौड़ाया, जिससे वे जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। हमले के बाद घटनास्थल पर बकरियों की लाशें बिखरी पड़ी थी, जिस देख निर्मल यादव फूट-फूटकर रोने लगा।
शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग
इस घटना में 1 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद पीड़ित ने शासन-प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। बताया जा रहा है कि निर्मल यादव के परिवार की आय का बकरी पालन ही मुख्य साधन था।
सरगुजा में कुत्तों के हमले में गई थी 15 हिरणों की जान
बता दें कि इससे पहले सरगुजा में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत हो गई थी। रात को पार्क के पास लगे जंगल से कुछ आवारा कुत्ते परिसर में घुस गए थे और दौड़ा दौड़ाकर हिरणों को नोंच कर काट डाला था। कुत्तों ने सांभर और उनकी कोठरियों को भी नुकसान पहुंचाया था।
बताया जा रहा है एक जगह से बाड़े का तार टूट गया था, कुत्ते वहीं से अंदर घुसे थे। 14 हिरणों की मौत घटना के अगले दिन हो गई थी। जबकि एक घायल हिरण ने रविवार को दम तोड़ दिया था। मामले में लापरवाही सामने आने के बाद डिप्टी रेंजर समेत 4 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था।