
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने चिंगनार, बड़ेडोंगर, फरसगांव और बहीगांव समितियों के विभिन्न फड़ों का दौरा किया। उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता, गड्डियों की संख्या और संग्रहण कार्य की प्रगति की विस्तार से जांच की।
ऋचा शर्मा ने मौके पर उपस्थित फड़ मुंशी, फड़ अभिरक्षक, प्रबंधक और पोषक अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव ने छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने पर भी जोर दिया।इस निरीक्षण के दौरान संजीता गुप्ता (अपर प्रबंध संचालक, राज्य लघु वनोपज संघ, रायपुर), लक्ष्मण सिंह (संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा रायपुर), राजेश कुमार चंदेले (मुख्य वन संरक्षक, कांकेर वन वृत्त), दिव्या गौतम (वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन केशकाल), एनके सिन्हा (उप वनमंडलाधिकारी फरसगांव एवं उप प्रबंध संचालक), सुषमा जे. नेताम (उप वनमंडलाधिकारी केशकाल) और आरएस यादव (वन परिक्षेत्र अधिकारी) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित केशकाल के अंतर्गत 28,500 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 8,657.545 मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी की जा चुकी है। संग्रहण कार्य निरंतर जारी है और सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है।
निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने केशकाल परिक्षेत्र के गोब्राहीन स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के पुरातात्विक शिवलिंग का दर्शन किया। उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर बल दिया।