छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सैलरी देर से मिलने पर अकाउंटेंट की जमकर पिटाई की गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सैलरी देर से मिलने पर अकाउंटेंट की जमकर पिटाई की गई है। देवभोग नगर पंचायत के सीएमओ ऑफिस में इंजीनियर और उसके साथियों ने मिलकर अकाउंटेंट को थप्पड़ जड़े और घूंसा मारा।

इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं कर्मचारी यूनियन ने आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग की है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन किया जाएगा।

अब जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, यह घटना 7 मई की शाम 5 बजे नगर पंचायत के सीएमओ ऑफिस में हुई। इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक ने अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर को वेतन भुगतान में देरी को लेकर बुलाया था। बातचीत करते करते इस टॉपिक पर बहस छिड़ गई।

इस दौरान इंजीनियर के साथियों ने संदीप चंद्राकर की पिटाई शुरू कर दी। वायरल वीडियो में संदीप चंद्राकर भी एक व्यक्ति की पगड़ी उतारकर जवाबी हमला करते दिखाई दिए।

मारपीट के दौरान सीएमओ दुष्यंत साहू बीच-बचाव करते नजर आ रहे हैं, जबकि इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक गुस्से में खड़े दिख रहे थे।

आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया

घटना के बाद एकाउंटेंट संदीप चंद्राकर की शिकायत पर इंजीनियर श्याम सुंदर पटनायक और उनके 3 सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष की शिकायत पर संदीप चंद्राकर के खिलाफ भी देवभोग पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

यूनियन ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी

अकाउंटेंट संदीप चंद्राकर कर्मचारी यूनियन के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं। वहीं प्रभारी सीएमओ दुष्यंत साहू भी इसी यूनियन के पदाधिकारी हैं। अब इस मामले में कर्मचारी यूनियन की एंट्री हो गई है।

आज प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने देवभोग पुलिस को ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की गई है।

यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

CMO ने पहले वीडियो नहीं होने की जानकारी दी थी

थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने बताया कि शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सीएमओ दुष्यंत साहू से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मांगी गई थी, लेकिन उन्होंने रिकॉर्डिंग न होने की बात कही थी। अब वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए सीएमओ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी जा रही है।

विवाद की वजह की जांच करेगी पुलिस

पुलिस के अनुसार, जरूरी सबूत सीधे पुलिस को देने के बजाय उन्हें सार्वजनिक रूप से वायरल करने की घटना को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस इस मामले में सभी संदिग्ध और पहलुओं की जांच कर रही है।

इधर इस घटना से नाराज नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी के कारण दूसरी बार नगर पंचायत की छवि खराब करने की कोशिश हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पोस्टिंग यहीं की जाए।

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