
आग किचन तक पहुंच गई, जिससे गैस सिलेंडर फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आग की लपटों ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया। घर के अंदर मौजूद परिवार के सदस्य बाहर निकल नहीं सके और जिंदा जल गए। यह मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र का है।
आसपास के लोगों ने धमाके की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग काफी फैल हो चुकी थी। इसके बाद घर के अंदर से 4 लोगों के शव बरामद किए गए। मुख्यमंत्री ने मृतकों को 5-5 लाख रुपए और जिला प्रशासन ने 4-4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
आज ही सिलेंडर भरवाकर लाए थे
परिजनों ने बताया कि आज ही सिलेंडर भरवाकर लाए थे। जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय घर में 2 बहनें लक्ष्मी और चांदनी मौजूद थीं। पिता अनिल वैष्णव भी घर में थे। वहीं अनिल वैष्णव की पत्नी, बेटा और एक बेटी घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई।
हालांकि, बाहर मौजूद बेटी की डेढ़ साल की मासूम बच्ची घर के अंदर थी, जिसकी भी आग में जलकर मौत हो गई। हादसे के दौरान बेटा गौतम (17) अपने दोस्तों के साथ आग बुझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन आग तेजी से फैल गई। इसी बीच सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खंभे में शॉर्ट सर्किट से मकान में आग लगी। आग छत के रास्ते फैलते हुए किचन तक पहुंच गई। इसके बाद आग की चपेट में सिलेंडर आ गया, जिससे जोरदार ब्लास्ट हुआ।
संभलने का मौका तक नहीं मिला
हादसे के वक्त सभी लोग घर में सो रहे थे और धमाके के कारण उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिल पाया। हादसे के बाद घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। मौके से जले हुए शव बरामद किए गए हैं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है।
सांसद-मंत्री भी घटना स्थल पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसएसपी विजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं सांसद विजय बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव भी घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने घटना की जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।