छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नकली मसाले के कारोबार की आशंका पर खाद्य एवं औषधि विभाग ने व्यापार विहार स्थित एक ट्रांसपोर्ट परिसर में छापेमारी की। जहां से एवरेस्ट मीट मसाला के संदिग्ध पैकेट जब्त किए हैं।
शुरुआती जांच में मसाले के नकली होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल, विभाग पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटा हुआ है। इस कार्रवाई में करीब 50 हजार रुपए कीमती मसाले को सीज किया गया है।
दरअसल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने व्यापार विहार स्थित श्री मारुति गुड्स गैरेज में जांच की। इस दौरान एवरेस्ट मसाला कंपनी के प्रतिनिधि भी साथ थे। जिसने यह पुष्टि की कि एवरेस्ट मीट मसाला नकली होने की आशंका है।
जिसके आधार कार्रवाई करते हुए एवरेस्ट मीट मसाला के 9 बॉक्स संदिग्ध पाए गए। जांच के दौरान मौजूद एवरेस्ट मसाला कंपनी के प्रतिनिधि ने पैकिंग और उत्पाद को देखकर पहली नजर में इसे संदिग्ध बताया।
ट्रांसपोर्टर के यहां मिला माल, मालिक सामने नहीं आया
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जहां से मसाला जब्त किया गया है, वह एक ट्रांसपोर्टर का परिसर है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, यह माल किस व्यापारी का है, इसे कहां सप्लाई किया जाना था। विभाग लगातार ट्रांसपोर्टर से पूछताछ कर रहा है। उसे नोटिस जारी कर माल से संबंधित दस्तावेज, बुकिंग डिटेल और सप्लाई से जुड़ी जानकारी मांगी गई है।
पूरे चैनल की जांच, जुटाई जा रही जानकारी
विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि संदिग्ध मसाला कहां से आया, किसके माध्यम से भेजा गया और किस बाजार में इसकी सप्लाई होनी थी। इसके लिए मुखबिरों के जरिए भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल अब तक कोई व्यापारी या संस्था सामने नहीं आया है, जिसने जब्त मसाले पर अपना दावा किया हो।
कंपनी से मांगी गई रिपोर्ट, सैंपल की होगी जांच
विभाग ने एवरेस्ट कंपनी से भी विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि जब्त मसाला असली है, नकली है या पैकिंग में किसी प्रकार की गड़बड़ी का मामला है। इसके साथ ही मसाले के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कंपनी के साथ समन्वय कर तकनीकी रिपोर्ट भी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
अफसर बोले- सैंपल भेजकर कराई जाएगी जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के डीओ आरआर देवांगन ने बताया कि, शुरुआती जांच में एवरेस्ट मीट मसाला संदिग्ध लग रहा है, इसलिए उसे सीज किया गया है। कंपनी के प्रतिनिधि से भी पुष्टि की गई है। फिलहाल, जांच जारी है। सैंपल परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट और कंपनी से प्राप्त जानकारी के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।