
बाइक, कार और दूसरे वाहनों के साथ लोग जल्द से जल्द टंकी फुल कराने के लिए फ्यूल स्टेशन पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि वहां जाम जैसी स्थिति बन गई। कुछ जगहों पर पेट्रोल खत्म होने की खबर भी सामने आई।
प्रशासन के मुताबिक जिले में हर दिन औसतन करीब 293 किलोलीटर पेट्रोल और 374 किलोलीटर डीजल की जरूरत होती है। वर्तमान स्टॉक के आधार पर जिले में 5 दिनों से ज्यादा की जरूरत पूरी की जा सकती है।
वहीं फ्यूल स्टेशनों पर एक तरफ जहां लोग गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहे हैं तो दूसरी तरफ बॉटल और बड़े-बड़े ड्रमों में भी डीजल-पेट्रोल ले रहे हैं, जबकि यह पूरी तरह प्रतिबंधित है।
पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह से बढ़ी भीड़
दरअसल शहर में पेट्रोल-डीजल की कमी होने की अफवाह तेजी से फैल गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। अफवाह के चलते गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में करीब दोगुनी तक पहुंच गई।
अचानक बढ़ी मांग के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी दबाव देखने को मिला। ईंधन की अचानक बढ़ी खपत के चलते शहर के कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक प्रभावित हुआ और कुछ पंप कुछ समय के लिए ड्राई भी हो गए।
प्रशासन ने कालाबाजारी, जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल प्रशासन और तेल कंपनियां मिलकर स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने में जुटी हुई हैं। पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों से बचने की अपील की है।
जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश
शुक्रवार को जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दुर्ग जिले में वर्तमान में करीब 1421 किलोलीटर पेट्रोल और लगभग 1678 किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। प्रशासन के अनुसार, यह भंडार जिले की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त है।
जिले में कुल 189 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां तेल कंपनियों की ओर से लगातार ईंधन की सप्लाई की जा रही है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन लगातार पेट्रोल पंपों की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों को तेल कंपनियों के संपर्क में रहकर सप्लाई व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि जिन पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से ईंधन खत्म हो गया था, वहां दोबारा सप्लाई भेजकर स्थिति सामान्य की जा रही है।