छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कबाड़ और प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लग गई

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कबाड़ और प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग लग गई। आग की लपटें बगल में स्थित हीरो बाइक शोरूम तक पहुंच गईं, जिससे वहां रखी करीब 43 नई-पुरानी बाइक जलकर पूरी तरह राख हो गईं।

वहीं आग से बचाने के लिए बाहर निकाली गई 2-3 बाइक चोरी होने की भी जानकारी सामने आई है। इसके अलावा इस अग्निकांड में कबाड़ गोदाम में खड़ा एक माजदा वाहन और एक छोटा हाथी वाहन भी जलकर पूरी तरह राख हो गया।

फिलहाल आग पर लगभग काबू पा लिया गया है, लेकिन गोदाम से अब भी धुआं उठ रहा है। हालांकि अभी तक आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है, जांच जारी है। घटना जूटमिल थाना क्षेत्र की है।

प्लास्टिक के आग तैजी से फैली आग

दरअसल, शनिवार दोपहर छातामुड़ा रोड स्थित कबाड़-प्लास्टिक गोदाम में अचानक आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और कबाड़ सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैल गई और उस पर पूरी तरह काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। देर रात तक दमकल कर्मी लगातार पानी डालकर आग बुझाने में जुटे रहे।

हीरो शोरूम की बाइकें भी चपेट में

आग की लपटें पास के हीरो बाइक शोरूम तक पहुंच गईं। इससे शोरूम में रखी करीब 43 नई और पुरानी बाइकें आग की चपेट में आ गईं। आग बढ़ते देख कर्मचारियों ने कई नई बाइकें बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पर रख दीं।

बाहर रखी बाइक चोरी

शोरूम प्रबंधन के अनुसार, बाहर रखी गई 2-3 बाइक चोरी हो गईं। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

शोरूम की दीवारें भी क्षतिग्रस्त

बताया जा रहा है कि आग की लपटें शोरूम के पीछे और साइड वाले हिस्से तक पहुंच गई थीं। तेज गर्मी के कारण वहां की दीवारों में दरारें आ गईं। वहीं शोरूम में रखा अन्य सामान भी जलकर राख हो गया। हालांकि सभी गाड़ियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया।

अब भी उठ रहा धुआं

जिला कमांडेंट ब्लासियुज कुजूर ने बताया कि आग बुझाने के लिए करीब 11 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगाई गई थीं। दमकल कर्मियों ने पूरी रात आग बुझाने का प्रयास किया। आग पर लगभग काबू पा लिया गया है।

लेकिन आग पूरी तरह शांत नहीं हुई है। अंदर सुलग रही आग के कारण अब भी धुआं उठ रहा है। प्लास्टिक सामग्री होने की वजह से आग बुझाने में काफी दिक्कत हुई, क्योंकि ऊपर से आग बुझने के बाद भी अंदर आग सुलगती रही और फिर से भड़क जाती थी।