छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बहन को घर से भगाने वाले बॉयफ्रेंड का भाई ने मर्डर कर दिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बहन को घर से भगाने वाले बॉयफ्रेंड का भाई ने मर्डर कर दिया। ग्राम कुसमी के रहने वाला चितरंजन पटेल 3 साल पहले लड़की को अपने साथ मुंबई ले गया था, जहां दोस्त के घर में दोनों रुके थे।

इसी बीच गर्लफेंड का चितरंजन को छोड़ उसके दोस्त से अफेयर हो गया, जिसके बाद वह प्रेग्नेंट हो गई। धोखा मिलने के बाद चितरंजन गुस्से में अकेला वापस गांव लौट आया। तभी लड़की के भाई ने उसका सिर पत्थर से कुचलकर मार डाला। मामला कोमाखान थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, नवंबर 2023 में चितरंजन पटेल, आरोपी दीपेश साहू की बहन को भगाकर मुंबई ले गया था। वहां वह अपने दोस्त के घर रहता था, इसी बीच आरोपी की बहन की नजदीकियां चितरंजन के दोस्त की तरफ बढ़ी और वह प्रेगनेंट हो गई। इस बात से दुखी हो कर चितरंजन पटेल उस लड़की को मुंबई में ही छोड़ कर वापस गांव आ गया।

तब से ले कर अब तक आरोपी और उसके घर वालों ने उस लड़की की सुध तक नहीं ली है, पर बहन को भगा ले जाने की बात आरोपी दीपेश साहू को बर्दाश्त नहीं हो पा रही थी। आरोपी लंबे समय से बदला लेने की फिराक में थे।

डंडों से पीटा, फिर पत्थर से कुचला चेहरा

पुलिस जांच में सामने आया कि, 15 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की थी। जब चितरंजन बाइक से एक शादी समारोह से लौट रहा था और लामीसरार मुर्गी फार्म मोड़ के पास पहुंचा, तब आरोपियों ने उसे रोक लिया।

इसके बाद उसे कब्रिस्तान के पास ले जाकर डंडों से बेरहमी से पीटा गया। जब वह बेहोश हो गया, तब आरोपियों ने उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया और बिजली खंभे के पास छोड़ दिया, ताकि मामला सड़क दुर्घटना जैसा लगे।

दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

कोमाखान पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी दीपेश साहू और कुंजन साहू को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

ग्रामीणों ने थाने का किया घेराव

चितरंजन पटेल (23) की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश है। नाराज ग्रामीणों ने कोमाखान थाना पहुंचकर पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने थाना परिसर में नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआती शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से युवक की जान चली गई।

स्थिति को देखते हुए बागबाहरा एसडीओपी अजय सहनकर त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और हत्या की धारा जोड़कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ था