महासमुंद जिले में LPG घोटाले मामले में 2 आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 1.5 करोड़ के LPG घोटाले मामले में 2 आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। गुरुवार को ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अब इस मामले के मास्टरमाइंड निलंबित जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, गौरव गैस एजेंसी के संचालक और भापजा नेता पंकज चंद्राकर, पेट्रोकेमिकल्स के मैनेजर निखिल वैष्णव और व्यापारी मनीष चौधरी सहित अन्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

इस मामले में अजय यादव पर शासकीय संपत्ति के गबन की साजिश रचने, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप है। पुलिस के अनुसार, चोरी कर बेची गई लगभग 92 टन गैस के एवज में करीब 80 लाख रुपए का लेन-देन हुआ था।

जांच में सामने आया है कि इस रकम में से लगभग 50 लाख अजय यादव, 20 लाख एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और व्यापारी मनीष चौधरी को 10 लाख मिले थे। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

जिला खाद्य अधिकारी ने की पूरे घोटाले की प्लानिंग

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस एलपीजी गबन की पूरी प्लानिंग तत्कालीन जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने की थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह पीछे से पूरे मामले को चला रहा था।

एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर ने सौदे और लोगों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। वहीं व्यापारी मनीष चौधरी ने बीच में रहकर अलग-अलग पक्षों के बीच समझौता करवाने का काम किया।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में हुए पैसों के लेन-देन और अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मोलभाव के बाद 90 लाख में तय हुआ सौदा

पुलिस के मुताबिक, छह गैस कैप्सूलों में भरी एलपीजी गैस को बेचने के लिए शुरुआत में लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए की मांग की गई थी। खाद्य अधिकारी अजय यादव के निर्देश पर पंकज चंद्राकर ने कई व्यापारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने इस सौदे में शामिल होने से इनकार कर दिया।

इसके बाद पंकज चंद्राकर ने व्यापारी मनीष चौधरी से संपर्क साधा। दोनों ने मिलकर ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर सार्थक सिंह ठाकुर से बातचीत शुरू की। लगभग एक सप्ताह तक चली मोलभाव के बाद यह सौदा लगभग 90 लाख रुपए में तय हुआ।

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