
जानकारी के मुताबिक, जशपुर जिले के पत्थलगांव निवासी उमेश खुंटे ने 11 सितंबर 2025 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके मोबाइल पर APK लिंक भेज कर मोबाइल को हैक कर लिया गया और मोबाइल से लिंक बैंक खाते से 5 लाख 53 हजार 900 रुपये की ऑऩलाइन ठगी कर ली गई।
एक अन्य मामले में कांसाबेल, जशपुर के स्टेट बैंक ग्राहक रामनिवास के मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर 29 लाख 15 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। मामले की रिपोर्ट कांसाबेल थाने में दर्ज कराई गई थी।
देवघर से पकड़ा गया गिरोह सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने सरगुजा रेंज साइबर सेल को APK फाइल डाउनलोड करा ठगी की घटनाआंे में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साइबर सेल के नोडल अधिकारी और सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में टीम ने ऑनलाइन फ्राड की जांच की। साइबर सेल की टीम झारखंड के देवघर पहुंची और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए आरोपियों में संतोष कुमार दास, पप्पू महरा, प्रयाग दास, राजकुमार मण्डल, आर्यन कुमार और नित्यानंद शामिल हैं। आरोपियों के पास से 10 मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक और ठगी का 51 हजार रुपये नगद जब्त किया गया। आरोपियों ने जशपुर जिले में दर्ज दोनों ऑनलाइन ठगी में शामिल होना स्वीकार किया।
इस तरह से करते हैं ठगी अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल ने बताया कि साइबर ठग रोज करीब 2500 लोगों को APK फाइल भेजते हैं। ये APK फाइल आरटीओ चालान डॉट APK, पीएम डॉट आवास, योजना डॉट APK, पीएम डॉट किसान डॉट योजना डॉट APK, परिवहन डॉट APK के नाम पर होता है।
मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल हैक हो जाता है और एक्सेस साइबर ठगों के पास चला जाता है। साइबर ठग हैक किए गए मोबाइल के नंबर से 5जी सिम के लिए मैसेज कर पीड़ितों का ई-सिम एक्टिव कर लेते हैं।
ई-सिम एक्टिव होने के साथ ही मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट से राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए जाते हैं।
थाना कांसाबेल के अपराध में देवघर झारखण्ड एवं पत्थलगांव जिला जशपुर से गिरफ्तार दो आरोपियों के द्वारा भी APK फाइल डाउनलोड करा 29 लाख 15 हजार रुपये की ठगी ग्राहक रामनिवास राम से की गई थी।
सीएसपी ने बताया कि APK फाईल गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। यह बड़ा गिरोह है, जिससे देशभर से साइबर अपराधी जुड़े हैं।
पकड़े गए सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
APK साइबर ठगी से बचने के तरीके पुलिस के अनुसार APK फाइल से साइबर ठगी होने से लोग अपनी सावधानी से बच सकते हैं।
- APK फाइल कभी भी डाउनलोड या इंस्टाल न करें तो मोबाइल हैक नहीं होगा। मोबाइल हैक कर साइबर अपराधी कांटेक्ट लिस्ट के नंबरों को APK सेंड कर देते हैं। इस कारण परिचितों द्वारा भेजे गए APK को भी डाउनलोड न करें। मोबाइल हैक होने की स्थिति में जितनी जल्दी हो सके, बैंक अकाउंट को लॉक कराएं। जिस बैंक अकाउंट में ज्यादा पैसे रखने हों, यथा संभव उसमें ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की सुविधा न रखें। तो बड़ी ठगी से बचा जा सकता है।