
जहां 15 दिसंबर को रेत की तस्करी करते हुए 9 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया है। मामले में ट्रैक्टर मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लगातार मिल रही थी शिकायत
जिले के मांड, महानदी, कुरकुट नदी के साथ ही अन्य जगहों से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। जिसकी शिकायते आए दिन सामने आ रही है।
ऐसे में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर खनिज विभाग के द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जहां सोमवार (15 दिसंबर) को खनिज अमला अलग-अलग जगहों पर निगरानी शुरू की।
इस दौरान खरसिया व पुसौर की ओर से अवैध रेत से लोड ट्रैक्टर आते नजर आए। जिन्हें जांच दल के द्वारा रुकवाया गया और पूछताछ करते हुए वैद्य अनुमति दस्तावेज मांगे गए।
तब ट्रैक्टरों चालकों के पास कोई भी वैद्य दस्तावेज नहीं मिल सके।
ऐसे में अलग-अलग जगहों पर उन 9 वाहनों की विधिवत जांच के बाद रेत तस्करी करने वाले ट्रैक्टर के मालिकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों तथा खान एवं खनिज अधिनियम 1957 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इनके खिलाफ की गई कार्रवाई
जिन वाहन मालिकों के ऊपर कार्रवाई की गई है। उसमें जोरापाली के भानुकुमार चौहान, बाल्मिकी प्रजापति, कुरमापाली के नूतन साहू, गोपालपुर के प्रेम उरांव शामिल है।
इसके अलावा पतरापाली के समीर पटेल, बाबाधाम रायगढ़ के तिरथलाल यादव, रायगढ़ के प्यारेलाल साहू, धनागर के उत्तम सारथी, हण्डी चौक रायगढ़ के गणेश अग्रवाल शामिल है।
लगातार चलाया जाएगा अभियान
इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी ने बताया कि रेत तस्करी की शिकायत मिलने के बाद विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जिले के सभी क्षेत्रों में अवैध रेत तस्करी पर निगरानी रखी जाएगी और जांच दल के द्वारा कार्रवाई की जाएगी। अवैध रेत परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।