छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महानदी किनारे बसे खरेंगा गांव के श्मशान घाट पर रेत माफिया ने कब्रें खोद डाली

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महानदी किनारे बसे खरेंगा गांव के श्मशान घाट पर रेत माफिया ने कब्रें खोद डाली। अवैध रेत खनन के लिए 6-7 फीट गहरी खुदाई की गई। जिससे 10 मानव कंकाल बाहर आ गए। अब कब्रों पर सियासत शुरू हो गई है।

कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि, प्रदेश में अवैध खनन इस कदर बेलगाम हो चुका है कि अब कब्र में दफन शव भी सुरक्षित नहीं रह गए। माफिया बेलगाम है और बीजेपी के संरक्षण में खेल चल रहा है। नेता-अफसर सब भ्रष्टाचार में मशगूल है।

इस पर बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि, वास्तव में कांग्रेस के सभी नेताओं में मीडिया में बने रहने की होड़ लगी है। इस वजह से वह कुछ सनसनीखेज बयान देना चाहते हैं। ताकि वह कुछ समय के लिए हाईलाइट हो सके। यह तो कांग्रेस के शासन में सरकारी संरक्षण में होता था। कांग्रेसी सस्ती सुर्खियों के लिए लाशों पर राजनीति कर रही है।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, धमतरी जिले के खरेंगा गांव स्थित श्मशान घाट में अवैध रेत उत्खनन के दौरान गुरुवार (28 मई) को 6 से 7 फीट गहरी कब्रें खोद दी गईं, जिससे करीब 10 मानव कंकाल बाहर आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

लोगों का कहना है कि प्रशासन ने कंकालों को दोबारा दफना तो दिया, लेकिन अब यह पता नहीं है कि किसके परिजन के अवशेष कहां दफन किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना सामने आने के बाद भी रेत माफियाओं की गतिविधियां नहीं रुकीं। कंकाल मिलने की रात भी अवैध खनन जारी रहा।

इससे लोगों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ गई है। गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें मौत के बाद भी सम्मान मिलने की उम्मीद नहीं रह गई है।

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