रायपुर : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ED ने करीब 1200 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। इसमें कारोबारी अनवर ढेबर की ‘ढेबर-सिटी’ और गोवा का ‘वेस्टइन होटल’ भी शामिल है।
ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 28 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 3 अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए। कुर्क संपत्तियों की डीड वैल्यू करीब 200 करोड़ रुपए, जबकि बाजार मूल्य 1000 करोड़ से ज्यादा बताई गई है।
ED का दावा है कि गोवा का होटल शराब घोटाले के पैसे से करीब 110 करोड़ में खरीदा गया था। कैश ट्रांसपोर्ट का काम पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के निर्देश पर किया गया था। इसके अलावा 3 कंपनियों ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड अटैच किए गए हैं।
सिंडिकेट चलाते थे ढेबर-टुटेजा
ED के अनुसार, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एसीबी रायपुर की FIR के आधार पर हुई जांच में सामने आया कि, 2019 से 2023 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर 2883 करोड़ से ज्यादा की आय अर्जित की।
जांच एजेंसी का दावा है कि, इस सिंडिकेट का संचालन अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नेतृत्व में किया जा रहा था।