बिलासपुर के सरकंडा पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पहली बार ड्रोन कैमरे की मदद से गांजा तस्करों के नेटवर्क का खुलासा किया है। कुंदरूबाड़ी और चिंगराजपारा क्षेत्र में की गई छापेमार कार्रवाई में पुलिस ने 6.744 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 3.35 लाख रुपये बताई जा रही है। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में कुछ तस्कर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल गांजा बेचने और सप्लाई करने में कर रहे हैं। इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार कर निगरानी शुरू की।
नाबालिगों के जरिए चल रहा था गांजा कारोबार
पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी (सिटी) पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह के मार्गदर्शन और सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
ड्रोन कैमरे से रखी गई निगरानी
पुलिस ने सरकंडा के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी शुरू की। इसी दौरान सोमवार सुबह सूचना मिली कि कुंदरूबाड़ी, चिंगराजपारा क्षेत्र में कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा बेचने और खपाने की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
6.744 किलो गांजा और चाकू बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6.744 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत लगभग 3.35 लाख रुपये आंकी गई है, बरामद किया। इसके अलावा एक धारदार चाकू भी जब्त किया गया।
दो बालिग और पांच नाबालिग पकड़े गए
गिरफ्तार आरोपियों में कुश यादव उर्फ पप्पू यादव (25) निवासी चिंगराजपारा कुंदरूबाड़ी तथा दीपक साहू (18 वर्ष) निवासी विश्वकर्मा चौक, सरकंडा शामिल हैं। इनके साथ पांच नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि नाबालिगों को पैसों का लालच देकर नशे के कारोबार में धकेला गया था।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और बरामद चाकू के आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। जांच अब इस दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है कि गांजा शहर में कहां से लाया जा रहा था और पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक कौन है।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने में सहयोग करें। यदि कहीं भी मादक पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।