छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में उद्योगों के द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण और विभाग की लचर कार्यप्रणाली को देखते हुए कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। पर्यावरण दिवस के दिन पर्यावरण विभाग का घेराव किया और आज के दिन को कांग्रेस प्रदूषण दिवस के रूप में मनाते हुए जमकर नारे लगाए। साथ ही 10 बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपकर अव्यवस्था सुधारने की मांग की है।
जिला कांग्रेस कमेटी से काफी संख्या में कांग्रेस नेता पर्यावरण विभाग पहुंचे। जहां उन्होंने गेट के बाहर विभाग व बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जिले में पिछले कुछ समय से वायु, जल एवं पर्यावरण प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले काले धुओं और अन्य गतिविधियों के कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जिले में सभी पेड़ पौधों के पत्तियों समेत मकानों के छतों पर धूल डस्ट के काली परतें जमने लगी है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
उनका कहना था कि धूल व धुएं के कारण वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। जिससे लोगों में त्वचा रोग, फेफड़े का रोग और कैंसर बीमारी की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कई स्थानों पर औद्योगिक अपशिष्ट व गंदे पानी के कारण नदी, तालाब, व अन्य जल स्रोत भी प्रदूषित हो रहे हैं।
कार्रवाई नहीं होने पर करेंगे उग्र आंदोलन जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव ने बताया कि हम पर्यावरण दिवस को प्रदूषण दिवस के रूप में मना रहे हैं। जिले में कई उद्योग संचालित हो रहे हैं, लेकिन ईएसपी मशीन का पालन नहीं किया जा रहा है।
प्रदूषण मापक डिस्पले बोर्ड शहर के चारों लगाना चाहिए, ताकि जनता को जानकारी हो कि प्रतिदिन प्रदूषण के माप क्या हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण विभाग सिर्फ उद्योगों को संरक्षण देने के लिए है तो ऐसे पर्यावरण विभाग का औचित्य क्या है।
हमने मांग किया है कि उद्योगों के द्वारा जो गंदगी और प्रदूषण फैलाया जा रहा है इस पर कड़ी कार्रवाई हो। इसके बाद अगर कार्रवाई नहीं होता है तो आने वाले दिनों मंे कांग्रेस उग्र आंदोलन करेंगी।