छत्तीसगढ़ के धमतरी में गुरुवार-शुक्रवार रात TI और युवक के बीच तीखी बहस हो गई। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली बाइक को रोका, जिस पर दंपती और उनकी बच्ची सवार थे, जो मूवी देखकर लौट रहे थे। आरोप है कि TI ने उसे थप्पड़ मारा और बाइक की चाबी छीन ली।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक टीआई से बहस करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक ने टीआई को ‘तुम’ कहकर कहा और थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए उंगली दिखाई। इस पर टीआई ने ‘तुम’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई।
इसके बाद दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया। वहीं, अब इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में CSP अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि महिला और बच्ची को देखते हुए युवक को जाने दिया गया था। अगले दिन थाने आने को कहा गया था, लेकिन वह नहीं था।
CSP के मुताबिक, युवक ने अभी तक थाने में मुसाफिरी भी दर्ज नहीं कराई है। ऐसे में पुलिस का कहना है कि युवक के खिलाफ नोटिस जारी कर मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह पूरा मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र का है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, शहर में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के लिए नियमित रूप से फिक्स्ड पेट्रोलिंग प्वाइंट लगाए जाते हैं। इनमें से एक प्वाइंट मुजगहन-पोटियाडीह बायपास के पास हर दिन रात करीब 12 बजे लगाया जाता है।
4 और 5 मई की दरम्यानी रात भी यहां चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान देर रात गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनके दस्तावेज और पहचान पत्रों की जांच की जा रही थी, तभी धमतरी से मुजगहन की ओर जा रही बाइक को रोका गया, जिसकी आगे की नंबर प्लेट टूटी हुई थी।
बाइक रोकते ही शुरू हुई बहस
पुलिस का कहना है कि बाइक रुकते ही चालक एस किशोर ने वहां मौजूद जवानों से बहस शुरू कर दी। साथ ही उसने गाड़ी और अपनी पहचान से संबंधित कोई दस्तावेज दिखाने से इनकार कर दिया। बाइक पर महिला और बच्ची भी सवार थे।
उनकी बातचीत से वे स्थानीय निवासी नहीं लग रहे थे, क्योंकि वे आपस में किसी अन्य भाषा में बात कर रहे थे। टूटी नंबर प्लेट, पहचान पत्र नहीं दिखाना और बाहरी व्यक्ति होने की आशंका के कारण पुलिस का संदेह और बढ़ गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी
मामले की जानकारी ड्यूटी पर तैनात जवानों ने रात की जोनल गश्त पर मौजूद सीएसपी धमतरी और अर्जुनी थाना प्रभारी (टीआई) को दी। सूचना मिलते ही टीआई चंद्रकांत साहू मौके पर पहुंचे और देर रात बाहर होने के कारण और पहचान संबंधी दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की।
वीडियो बनाते हुए करता रहा बहस
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह लगातार बहस करता रहा, मोबाइल से वीडियो बनाता रहा और पुलिसकर्मियों को उकसाने की कोशिश करता रहा। काफी देर तक पूछताछ के बावजूद वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बाद में उसने खुद को आमदी का निवासी बताया और किराए के मकान में रहने की जानकारी दी।
पार्षद से पुष्टि के बाद छोड़ा गया
पुलिस ने आमदी के पार्षद से फोन पर संपर्क कर युवक की जानकारी की पुष्टि की। इसके बाद उसे अगले दिन थाने में पहचान, वाहन और किरायेदारी से संबंधित दस्तावेज जमा करने और मुसाफिरी दर्ज कराने के निर्देश देकर जाने दिया गया, लेकिन उसने थाने पहुंचकर मुसाफिरी दर्ज नहीं कराई है।