छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बच्चे को जबरन ले जाने के विवाद में अपने बड़े साले की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 1 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामला कापू थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, ग्राम मुनुंद निवासी दाताराम सारथी की शादी उर्मिला सारथी से हुई थी। पति-पत्नी के बीच संबंध अच्छे नहीं होने के कारण उर्मिला अक्सर अपने मायके ग्राम पत्थलगांव खुर्द में रहती थी। मायके में रहने के दौरान उसने बेटे को जन्म दिया और वहीं अपने बच्चे के साथ रह रही थी।
1 मई 2022 की शाम करीब 4 बजे दाताराम सारथी अपने ससुराल पत्थलगांव खुर्द पहुंचा। वहां उसने अपनी पत्नी उर्मिला सारथी से एक साल के दूधमुंहे बेटे को जबरन छीन लिया और उसे लेकर जाने लगा। उर्मिला सारथी, उसकी भाभी और भतीजी ने दाताराम को बच्चे को ले जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना और बच्चे को लेकर मुख्य सड़क तक पहुंच गया।
इसी दौरान दाताराम का बड़ा साला महेश सारथी वहां पहुंचा और उसे बच्चे को ले जाने से मना किया। इस बात से गुस्साए दाताराम ने महेश सारथी पर चाकू से हमला कर दिया। उसने महेश के पेट, पीठ और गर्दन पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी, बहन और बेटी के सामने की हत्या
घटना के दौरान महेश सारथी की पत्नी, बहन और बेटी मौके पर मौजूद थीं। उनके सामने ही दाताराम ने महेश पर जानलेवा हमला किया था। घटना के बाद पत्नी कुसुम सारथी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान साक्ष्य एकत्र कर गवाहों के बयान दर्ज किए गए और आरोपी दाताराम सारथी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने आरोपी दाताराम सारथी को हत्या का दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास और 1 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
आश्रितों को मिलेगी 1 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति
न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ के माध्यम से 1 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान किए जाने की भी अनुशंसा की है।