बस्तर के जंगलों में 14 सालों से सेवा दे रहे निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को 8 जून को दिल्ली में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया

Chhattisgarh Crimesबस्तर के जंगलों में 14 सालों से सेवा दे रहे निरीक्षक लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को 8 जून को दिल्ली में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। ये दोनों अधिकारी नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियानों का नेतृत्व करने के लिए जाने जाते हैं।

वर्तमान में लक्ष्मण केवट पखांजूर थाना प्रभारी और रामेश्वर देशमुख भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को कांकेर से 160 किलोमीटर दूर छोटेबेठिया थाना इलाके के जंगल में 15 महिला नक्सलियों सहित 29 नक्सलियों को मार गिराया था। इसे छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा एनकाउंटर माना जाता है।

नक्सल विरोधी अभियानों में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘राम-लक्ष्मण’ के नाम से भी जाना जाता है। निरीक्षक लक्ष्मण केवट ने अब तक 97 नक्सलियों को ढेर किया है, जबकि रामेश्वर देशमुख ने 56 नक्सलियों को मार गिराया है।

लक्ष्मण केवट ने बताया कि उनका लक्ष्य केवल ऑपरेशन चलाना नहीं, बल्कि इलाके में शांति स्थापित कर लोगों का विश्वास बहाल करना है। उन्होंने कहा कि कई बड़े अभियानों में उन्हें सफलता मिली है।

हर ऑपरेशन से पहले लगाते हैं अपनी जान की बाजी

रामेश्वर देशमुख ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुलिस सेवा में आने के बाद 2016 तक वे राष्ट्रपति पुरस्कार मिलने की प्रक्रिया के बारे में सोचते थे। उन्हें 2017 और 2021 में वीरता पदक और 2025 में दक्षता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे हर ऑपरेशन से पहले अपनी जान की बाजी लगाते हैं।