
जिलाध्यक्ष मेनन की अगुवाई में पहुंचे कांग्रेसी
शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार शाम शहीद विद्याचरण शुक्ल चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा की सफाई की और आसपास की व्यवस्था दुरुस्त कराई। बुधवार को चौक का रंग-रोगन भी कराया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने झीरम घाटी के शहीदों की स्मृति से जुड़े इस स्थल की अनदेखी की है।
कांग्रेस बोली- यह झीरम के शहीदों का अपमान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विद्याचरण शुक्ल सिर्फ एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि झीरम घाटी हमले के सबसे बड़े चेहरों में शामिल थे। ऐसे में उनकी प्रतिमा और शहीद स्मारक की उपेक्षा करना शहीदों का अपमान है।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार बनने के बाद चौक की नियमित सफाई, रंगाई-पुताई और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।
11 जून को है पुण्यतिथि
11 जून को विद्याचरण शुक्ल की पुण्यतिथि है। हर साल कांग्रेस इस दिन उन्हें श्रद्धांजलि देती है। इस बार पुण्यतिथि से पहले ही चौक की हालत को लेकर सियासत शुरू हो गई है।
कौन थे विद्याचरण शुक्ल?
विद्याचरण शुक्ल छत्तीसगढ़ और देश की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे। वे केंद्र सरकार में कई बार मंत्री रहे और 2013 में झीरम घाटी नक्सली हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था।
कांग्रेस के आरोप
भाजपा सरकार आने के बाद चौक की देखरेख नहीं हुई।
झीरम शहीदों की पट्टिकाएं और प्रतिमा उपेक्षा का शिकार रहीं।
कांग्रेस नेताओं को खुद सफाई और रंग-रोगन कराना पड़ा।
इसे झीरम शहीदों का अपमान बताया गया।