छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड और लूट मामले में पुलिस ने बिहार के मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और झारखंड के संतोष दास को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में पहले ही मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पूछताछ में पता चला है कि बदमाशों ने कोटमीकला के साप्ताहिक बाजार में प्रदीप सोनी का जेवरों से भरा बैग लूटने की कोशिश की थी, लेकिन विरोध करने पर मुख्य शूटर मनीष मंडल ने उन पर गोली चला दी।
इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड खुशीराम साहू था, जिसका एक हाथ कटा होने के बाद भी वह बेहद शातिर तरीके से बाइक दौड़ाता था। लूट और हत्या के बाद वह कटे हाथ में लोहे की पतली तार बांधकर, उसी के सहारे एक्सीलेटर खींचकर फरार हुआ था।
पुलिस ने जब सच्चाई जानने के लिए उससे क्राइम सीन का रीक्रिएशन कराया, तो उसने सबके सामने उसी तार के सहारे तेजी से बाइक चलाकर दिखाई, जिसे देख अफसर भी दंग रह गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टे, कारतूस, स्विफ्ट कार, दो बाइक और लूटा गया 40 ग्राम सोना व साढ़े चार किलो चांदी बरामद कर ली है।
मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपी पकड़े गए थे
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू है। उसने बाजार में सोना-चांदी व्यापारियों की रेकी कर पूरी साजिश रची थी। इस काम में उसके भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांस शुक्ला ने भी मदद की।
खुशीराम ने बिहार और झारखंड में अपने परिचित राहुल के जरिए शूटर बुलाए थे। राहुल अपने साथी सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास के साथ बिहार से आया और सभी ने मिलकर लूट और हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे, जहां लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों का बंटवारा किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार कर लिया।