
पुलिस ने मौके से गांजा तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना (ट्रक मालिक) सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह खेप ओडिशा से लोड होकर छत्तीसगढ़ के कई जिलों को पार करते हुए उत्तर प्रदेश की ओर जा रही थी। ट्रक मालिक मास्टरमाइंड 5 महीने से फरार था, उसे ट्रेस किया गया, तब बड़ी खेप पकड़ी गई। मामला बसंतपुर थाना इलाके का है।
पाउडर के नीचे छुपाया था गांजा
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे यूपी सीमा पर स्थित धनवार चेकपोस्ट पर एक तेज रफ्तार 16 चक्का ट्रक गुजर रहा था। पहले से अलर्ट बसंतपुर पुलिस ने जब ट्रक को रोककर जांच शुरू की, तो उसका ड्राइवर और परिचालक हड़बड़ा गए।
संदेह होने पर जब पुलिस टीम ने ट्रक में लोड सामान की तलाशी ली, तो दंग रह गई। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक के निचले हिस्से में गांजे की बोरियां बिछाई थीं और उन्हें छिपाने के लिए ऊपर से प्लास्टिक की बोरियों में कोई पाउडर भर दिया था। इसके बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर मौके पर बुलाया।
साइबर सेल की ट्रैकिंग से दबोचा गया 5 महीने से फरार मास्टरमाइंड
इससे 5 महीने पहले बलरामपुर पुलिस ने एक ट्रक से 6 करोड़ रुपए का 12 क्विंटल गांजा जब्त किया था। उस वक्त पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था, जो ओडिशा के बलांगीर से छत्तीसगढ़ के रास्ते राजस्थान गांजा ले जा रहे थे।
उस मामले की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क का मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी लोकेश कुमार है, जो ट्रक का मालिक भी है। लोकेश पिछले 5 महीनों से लगातार फरार चल रहा था।
साइबर सेल से इनपुट मिला कि मुख्य आरोपी लोकेश कुमार खुद ओडिशा से माल लोड कराकर सरगुजा के रास्ते बलरामपुर की ओर आ रहा है। पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया और चेकपोस्ट पर चेकिंग के दौरान उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
ओडिशा के सोनपुर से लोड हुआ था माल, 2 अरेस्ट
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा के सोनपुर जिले से लोड की गई थी।
- लोकेश कुमार (निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) मुख्य सरगना और ट्रक मालिक।
- आमिर (निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) – सह-आरोपी।
CG के कई थानों को पार कर UP बॉर्डर तक पहुंचा ट्रक
इस कार्रवाई ने सीमावर्ती सुरक्षा और अन्य जिलों की पुलिसिंग पर भी सवाल खड़े किए हैं। तस्करों का यह 16 चक्का ट्रक ओडिशा से छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करने के बाद रायगढ़, सरगुजा और सूरजपुर जैसे बड़े जिलों के दर्जनों थाना क्षेत्रों को पार करते हुए सुरक्षित उत्तर प्रदेश की सीमा (बलरामपुर) तक पहुंच गया था।
हालांकि, बलरामपुर पुलिस की सतर्कता से इसे ऐन वक्त पर बॉर्डर पार करने से पहले पकड़ लिया गया।
गांजे का तौल करा रही पुलिस
इस मामले में वाड्रफनगर SDOP रामवतार ध्रुव ने बताया कि, यह गांजे की अब तक की सबसे बड़ी खेपों में से एक है। पुलिस टीम गांजे को ट्रक से अनलोड कराकर उसका आधिकारिक तौल (वजन) करवा रही है। तौल की प्रक्रिया और वैधानिक कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद ही गांजे के सटीक वजन और इसकी वास्तविक अंतरराष्ट्रीय कीमत का पता चलेगा। आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।