
एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी है। उसे संदेह था कि उसकी पत्नी और निखिल गोस्वामी के बीच अवैध संबंध हैं। इसी शक के चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर निखिल की हत्या की योजना बनाई।
वारदात में लाल मिर्च का भी यूज़ किया था
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की थी। निखिल के मजबूत कद-काठी और बाउंसर होने के कारण आरोपियों ने उसे काबू में करने के लिए लाल मिर्च पाउडर का भी इस्तेमाल किया था।
बाउंसर के साथ वकील भी था निखिल
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि निखिल गोस्वामी केवल बाउंसर का काम ही नहीं करता था, बल्कि वह पेशे से वकील भी था। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी भोला दास के कुछ मामलों की पैरवी भी निखिल कर रहा था।
एक फोन कॉल से मिली आरोपियों की लोकेशन
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे। इसी दौरान एक आरोपी ने अपने रिश्तेदार को फोन किया। साइबर सेल ने इस कॉल को ट्रेस किया, जिससे आरोपियों की सटीक लोकेशन का पता चल गया।
इसके बाद पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया क्षेत्र में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
6 दिन में पुलिस ने सुलझाया मामला
कोटा पुलिस ने महज छह दिनों के भीतर इस चर्चित हत्याकांड का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं।
- दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी (26), निवासी ग्राम भुंडा, थाना कोटा
- निखिल राव उर्फ निक्कू (24), निवासी देवनगर कोनी
- कारण दास मानिकपुरी (24), निवासी देवनगर कोनी
- कुश साहू उर्फ बुतरू (26), निवासी तेलियापुराण भरारी, थाना कोटा
साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में साइबर सेल और एसीसीयू (ACCU) टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, मनमोहन कोसले और एसीसीयू बिलासपुर की टीम ने विशेष योगदान दिया।