
इस मामले में रायपुर उत्तर विधानसभा से विधायक पुरंदर मिश्रा ने सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर झूठा और भ्रामक कंटेंट फैलाने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि वीडियो पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण है।
वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया- विधायक
विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि वीडियो के जरिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और छत्तीसगढ़ सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं और उनसे जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए जानबूझकर ऐसा वीडियो वायरल किया गया, जिससे जनता को गुमराह किया जा सके।
विधायक ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और भाजपा के किसी भी नेता ने इस तरह की कोई मांग नहीं की है। वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और झूठे संवाद जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई है। यह सिर्फ एक व्यक्ति या पार्टी की मानहानि नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनविश्वास पर सीधा हमला है।
झूठे आरोपों के जरिए चरित्र हनन का प्रयास
शिकायत में विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा है कि सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्मों पर जानबूझकर एक ऐसा वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
इस फर्जी वीडियो में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई वरिष्ठ नेताओं पर 1500 करोड़ रुपए की कथित ‘वसूली’ या ‘कलेक्शन’ का झूठा आरोप मढ़ा गया है।
वीडियो में आपत्तिजनक और अमर्यादित वाक्य का प्रयोग कर न केवल नेताओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, बल्कि जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया है।