
हाथों में डंडे लिए महिलाओं को देखकर अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने में जुटे लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद महिला समिति ने जंगल में छिपाकर रखी गई भट्टियों और तैयार की जा रही अवैध शराब को खोज-खोजकर नष्ट किया। महिलाओं ने भट्टी में चढ़ी शराब को भी मौके पर ही बहा दिया।
महिला समिति ने कहा- अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
महिला समिति का कहना है कि सतरेंगा एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनता जा रहा है और यहां किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि नशाबंदी का सख्ती से पालन कराया जाएगा और अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई के बाद गांव में शांति व्यवस्था को लेकर सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।
सतरेंगा निवासी गोमती बाई ने बताया कि पर्यटन स्थल पर काफी लोगों का आना-जाना है, लेकिन अवैध शराब की बिक्री से माहौल खराब हो रहा है। यहां मारपीट और गाली-गलौज जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। इसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है, लेकिन अंकुश नहीं लग पा रहा है।
गायत्री बाई ने बताया कि छोटे बच्चे भी शराब के आदी हो रहे हैं और बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां महुआ शराब खरीदकर पी रहे हैं, जिससे पर्यटन स्थल का पूरा माहौल बिगड़ रहा है। इसकी शिकायत कलेक्टर से की गई है।