छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पिता ने भरमार बंदूक से गोली मारकर अपने बेटे की हत्या कर दी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में पिता ने भरमार बंदूक से गोली मारकर अपने बेटे की हत्या कर दी। आरोपी की पत्नी भी गोली के छर्रे लगने से घायल हो गई। वहीं वारदात के बाद आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला अंबागढ़ चौकी क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम शेखर उइके (22) है, जो कुंवारदल्ली गांव का रहने वाला था। वहीं बेटे को मारकर खुदकुशी करने वाले आरोपी पिता का नाम संतराम उइके (48) है। पुलिस ने पिता-पुत्र की डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल, कुंवरदल्ली गांव का रहने वाला संतराम उइके अपनी पत्नी शांति बाई के साथ गांव के बाहर एक झोपड़ी में रहता था। ईंट बनाने का काम करता था। शुक्रवार रात को संतराम नशे में था। अपनी पत्नी शांति बाई से झगड़ा कर रहा था।

झगड़ा बढ़ गया और नशे की हालत में संतराम ने अपनी पत्नी को बुरी तरह पीटा। पड़ोसियों ने संतराम के बेटे शेखर उइके को इस मारपीट के बारे में बताया। खबर मिलते ही शेखर झोपड़ी में पहुंचा। अपने पिता से पूछा कि उन्होंने मां को क्यों पीटा।

शेखर ने अपने पिता को समझाने की कोशिश की और कहा कि वह मां को न पीटे। इसके बाद शेखर और उसकी मां शांति झोपड़ी के पीछे बैठे थे। इसी बीच गुस्से में संतराम अपनी बंदूक लेकर लौटा। अपने बेटे शेखर को गोली मार दी। गोली लगने से शेखर की मौके पर ही मौत हो गई।

​मौके पर ही बेटे ने तोड़ा दम, छर्रे लगने से मां भी घायल

वहीं शांति बाई को भी गोली के छर्रे लग गए। वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। गांव वाले तुरंत खून से लथपथ शेखर और उसकी मां को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने शेखर को मृत घोषित कर दिया। शांति बाई का फिलहाल इलाज चल रहा है।

आरोपी ने वारदात के एक दिन बाद की खुदकुशी

वहीं वारदात के बाद आरोपी संतराम मौके से भाग गया, लेकिन शनिवार देर रात उसने अपने घर के बाहर एक पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की सूचना मिलने पर पुलिस रविवार को मौके पर पहुंची। जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस को शक है कि बेटे की हत्या के बाद परेशान होकर आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इंस्पेक्टर अश्विनी राठौर ने बताया कि आरोपी हत्या करने के बाद मौके से भाग गया था। उसका शव घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर एक पेड़ से लटका मिला। शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह मामला शराब के नशे में गुस्से में की गई हत्या का है।

वहीं पुलिस अधीक्षक वाईपी सिंह ने कहा कि नशे की हालत में अपराध करने के बाद संतराम को अपनी गलती का एहसास हुआ। वह सदमे में चला गया। इसी पछतावे के कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले की जांच की जा रही है।

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