छत्तीसगढ़ की वोटर लिस्ट में बढ़ेंगे मतदाताओं के नाम

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोग्राम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता होने का दावा किया था। इसकी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की थी और वोटर लिस्ट से बाहर हुए मतदाताओं से दावा आपत्ति मांगी थी।

मतदाताओं ने आयोग को एसआईआर प्रक्रिया के बाद बनी वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवेदन फॉर्म देना शुरू कर दिया है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अब तक 2 लाख 74 हजार से ज्यादा प्रदेशवासियों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए फॅार्म भरा है। इन फॉर्म की जांच होने के बाद स्क्रूटनी होगी तो मतदाता लिस्ट में वोटर्स की संख्या बढ़ा जाएगी।

45 दिन तक चली थी जांच

7 नवंबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया लगभग 45 दिन तक चली, जिसमें हजारों बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया है।

जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें इलेक्शन कमीशन की तरफ से नोटिस देकर अपने नाम दोबारा जुड़वाने का अवसर दिया जाएगा।

दावे और आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक जमा की जा सकती हैं। सुनवाई और वेरिफिकेशन 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक होंगे। अंतिम वोटर लिस्ट 21 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी।

वोटर्स और हटाए गए मतदाताओं की संख्या देखे एक नजर में

  • हटाए गए नाम 27,34,817
  • मृतकों की संख्या 6,42,234
  • दो जगह नाम 1,75,000
  • शिफ्ट/अनुपस्थित मतदाता 19,13,540
  • कुल मतदाता (छत्तीसगढ़) 2,12,30,737

    इन लोगों के नाम हटाए थे आयोग ने

    राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार SIR प्रक्रिया के दौरान प्रदेशभर में 27 लाख 34 हजार 817 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इनमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोग, दोहरी प्रविष्टि वाले नाम और अपात्र मतदाता शामिल हैं।

    नाम हटने के बाद आयोग ने संबंधित लोगों से दावा-आपत्ति आमंत्रित की है, ताकि पात्र मतदाताओं का नाम अंतिम सूची में शामिल किया जा सके।

    दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होते ही प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आवेदन आने लगे हैं। अब तक 2 लाख 74 हजार से अधिक प्रदेशवासियों ने फार्म-7 के माध्यम से अपने नाम हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। इन आवेदनों की जांच के बाद योग्य पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम दोबारा वोटर लिस्ट में जोड़े जाएंगे।

    मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना

    निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का नाम गलती से हट गया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। समय सीमा के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज कराने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।

    आयोग ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखा जाए। साथ ही मतदाताओं से अपील की गई है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांचें और आवश्यक होने पर निर्धारित फॉर्म के माध्यम से आवेदन करें। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या में फिर से इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

    मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना

    निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का नाम गलती से हट गया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। समय सीमा के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज कराने पर उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।

    आयोग ने सभी जिलों के कलेक्टर एवं निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी रखा जाए। साथ ही मतदाताओं से अपील की गई है कि वे ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर जांचें और आवश्यक होने पर निर्धारित फॉर्म के माध्यम से आवेदन करें। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या में फिर से इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

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