
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ देश के 17 राज्यों में इसी तरह की ठगी के 181 मामले दर्ज हैं। दरअसल, ग्राम तरेंगा निवासी भुवनेश्वरी साहू ने 16 फरवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 12 जनवरी को इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर सस्ते कपड़े खरीदने के लिए संपर्क किया था।
आरोपियों ने कैश ऑन डिलीवरी की सुविधा न होने का हवाला देकर पहले क्यूआर कोड के जरिए 1600 रुपए जमा कराए। इसके बाद बिलिंग चार्ज, जीएसटी, डिलीवरी चार्ज और रिफंड के नाम पर बार-बार पैसे मांगे गए, जिससे कुल 6,25,239 रुपए की ठगी कर ली गई।
आरोपियों की जयपुर से गिरफ्तारी
भाटापारा ग्रामीण और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण के बाद जयपुर में दबिश दी। टीम ने ग्राम गोकुलपुरा, थाना बस्सी निवासी रामकिशोर मीणा (25) और रविंदर मीणा (26) को गिरफ्तार किया। ये दोनों फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर महिलाओं को कम कीमत पर कपड़े, लहंगे और सूट बेचने का लालच देते थे।
क्यूआर कोड भेजकर पैसे वसूलते थे
आरोपियों का तरीका था कि वे इंस्टाग्राम पर प्रमोशनल एड के जरिए ग्राहक जुटाते थे। संपर्क होने पर व्हाट्सएप चैटिंग के जरिए विश्वास जीतकर क्यूआर कोड भेजकर पैसे वसूलते थे। कभी बिलिंग चार्ज तो कभी रिफंड के नाम पर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है।
SP ने लोगों से की ये अपील
एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि भाटापारा ग्रामीण में युवती से 6.25 लाख की साइबर ठगी के मामले में हमारी टीम ने जयपुर, राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाकर सस्ते कपड़ों का लालच देते थे।
क्यूआर कोड के जरिए पहले छोटी रकम, फिर बिलिंग चार्ज, जीएसटी आदि के नाम पर बड़ी ठगी करते थे। इनके खिलाफ देश के 17 राज्यों में 181 मामले दर्ज हैं। मैं नागरिकों से अपील करती हूं कि बिना जांच-पड़ताल के क्यूआर कोड स्कैन न करें और ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।