
मामला लालबाग ग्रामीण थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि मूंग की दाल में मेंढक पूरा पक गया था। शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि थाली में परोसे गए चावल में इल्ली-कीड़ा भी मरा पड़ा था, मेस में साफ सफाई की कमी थी और ज्यादातर अनाज एक्सपायरी डेट का इस्तेमाल हो रहा था।
कारण बताओ नोटिस जारी
छात्रों की शिकायत के बाद फूड एवं सेफ्टी विभाग ने मेस का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान मेस में कई एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी पाई गई।
विभाग ने स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां पाए जाने पर मेस का संचालन करने वाली संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई छात्रों के स्वास्थ्य के साथ संभावित खिलवाड़ को देखते हुए की गई है।
डीन बोले- शिकायत की जांच होगी
छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज के डीन डॉक्टर एसके नंदा ने बताया कि मेस में परोसे गए भोजन में मृत मेंढक मिलने की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था को समय-समय पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है। हालांकि, उन्होंने एक्सपायरी खाद्य पदार्थ मिलने की जानकारी से इनकार किया।
अन्य राज्यों के स्टूडेंट भी पढ़ने आते हैं
कॉलेज में अलग-अलग राज्यों से आए विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं, जो खाने के लिए पूरी तरह मेस पर निर्भर रहते हैं। ये मामला सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य से खिलवाड़ को लेकर सवाल उठ रहे है।
छात्रों ने कहा है कि दूषित भोजन और उसमें मृत जीव मिलने से फूड पॉइजनिंग और बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
कमियों को लेकर नोटिस जारी
इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी तरुण बिरला ने बताया की डेंटल कॉलेज के भोजन में मेंढक पाए जाने की शिकायत पर जांच टीम पहुंची थी वहां से खाद्य पदार्थों का सैंपल लिया गया है कुछ कमियों को लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। एक्सपायरी खाद्य पदार्थ जब्त नहीं की गई है।