
धान खरीदी केंद्रों की मदद से प्रदेश के 16.95 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।
सरकार ने समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत किसानों को अब तक 20 हजार 753 करोड़ रुपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया है।
समय पर भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों का आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
2740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी
प्रदेशभर में 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की जा रही है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल निगरानी में, सुव्यवस्थित और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही है।
इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि धान खरीदी का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे और बिचौलियों या फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न रहे।
टोकन व्यवस्था बनाई गई सरल
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने टोकन व्यवस्था को और सरल बनाया है। अब सहकारी समितियों के माध्यम से टोकन जारी किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ रहा। खरीदी के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रमुख जिलों में तेज गति से उपार्जन हुआ है।