
हादसे के तुरंत बाद शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में शौचालयों को तो खोल दिया, लेकिन उनकी मरम्मत या सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। सबसे गंभीर बात यह है कि शौचालय का सेफ्टी टैंक अभी भी खुला हुआ है, जिससे बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों व शिक्षकों को लगाई फटकार
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते पीड़ित परिवार से मिलने उनके गृह ग्राम शारदापुर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से संवेदना व्यक्त की और मौके पर मौजूद अधिकारियों व शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई।
विधायक ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा जांच करने के दिए निर्देश
इस संबंध में विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लापरवाही का मामला है। एक बच्चे की जान जाने के बाद भी अगर स्कूल परिसर में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं, तो यह गंभीर अपराध है।
मैंने अधिकारियों को तत्काल शौचालयों की मरम्मत करने, सेफ्टी टैंक को सुरक्षित ढंग से ढकने और पूरे स्कूल की सुरक्षा जांच करने के निर्देश दिए हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गंभीर लापरवाही का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के बाद भी खतरे बने रहना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने जर्जर शौचालयों की तत्काल मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों व शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है।