
दरअसल, शराब घोटाले के केस में ईडी ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही ईओडब्ल्यू ने उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए ईडी की स्पेशल बेंच में आवेदन पेश किया है। अब सौम्या चौरसिया को इस केस में ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। यही वजह है कि उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी लगाई थी।
कील बोले- झूठे केस में फंसा रही है सरकार
सौम्या के वकील ने हर्षवर्धन परगनिहा ने कहा कि, ईडी की टीम ने राजनीतिक षडयंत्र के तहत इस केस की जांच की है। सुनियोजित साजिश के तहत फंसाने के लिए मामले को ईओडब्ल्यू को सौंपा है। ढाई साल पुराने इस केस में सौम्या चौरसिया का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बाद भी उन्हें गिरफ्तार कर परेशान करना चाहती है।
जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला ?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है।
ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।