
जानकारी के मुताबिक, प्रशासनिक अमले ने सोमवार को सूरजपुर जिले के लक्ष्मणपुर दतिमा में स्थित श्याम श्री एग्रो राइस मिल की जांच की। जांच के दौरान राइस मिल में 29574 क्विंटल धान का स्टॉक पाया गया। यह धान सहकारी समितियों से कस्टम मिलिंग के लिए उठाया गया था। राइस मिल में 2706 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी कीमत 83 लाख रुपए से अधिक है।
राइस मिल सील, संचालक को नोटिस
प्रशासनिक अमले ने लाखों का धान गायब मिलने पर राइस मिल को सील कर दिया है। राइस मिल के संचालक गायब धान के बारे में जानकारी नहीं दे सके। माना जा रहा है कि या तो राइस मिल ने समितियों से कागजों में धान का उठाव कर लिया। जिससे समितियों में उक्त धान दूसरे किसानों या बिचौलियों के नाम दर्ज किया जा सके, या समितियों से उठाव के बाद धान बिचौलियों को बेच दिया गया है।
प्रशासन ने इसे घोर अनियमितता मानते हुए राइस मिल को सील कर दिया है। संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
सहकारी समिति में 80 लाख रुपए का धान गायब
इसके पहले भैयाथान तहसीलदार और खाद्य विभाग के अमले ने सहकारी समिति सावारावां की जांच की। जांच के दौरान समिति में 40 हजार 842 क्विंटल धान की खरीदी करना बताया गया। दस्तावेजों से स्टॉक का मिलान करने के लिए भौतिक सत्यापन किया गया।
स्टॉक के भौतिक सत्यापन में समिति में कुल 34 हजार 132 क्विंटल धान पाया गया। समिति से 2588 क्विंटल धान गायब मिला है, जिसकी कीमत 80 लाख रुपए बताई गई है। आशंका है कि समिति में पहुंचे बिना ही धान किसानों के खाते में चढ़ा दिया गया है।
इस मामले में समिति प्रबंधक से पूछताछ की गई, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बताया गया है कि समिति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है।