
जानकारी के अनुसार, रामधनी (70), रामवृक्ष (49), बुधनी (47), राम विनय (30), लखपति (24), रामनरेश (25), रामस्वार्थ (19) और मनबसिया (13) ने अपने घर में कोदो का चावल बनाकर खाया था। भोजन करने के कुछ समय बाद ही सभी को चक्कर आने लगे और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
तबीयत खराब होने पर परिवार के सदस्यों को डिंडो के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां उनका उपचार किया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डिंडो के डॉ. सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।