दुर्ग जिले में एक दोस्त ने अपने ही दोस्त को नौकरी का झांसा देकर ठग लिया

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले में एक दोस्त ने अपने ही दोस्त को नौकरी का झांसा देकर ठग लिया। अपनी उंची-उंची पहुंच और बड़े अफसरों से जान-पहचान का झांसा देकर दोस्त के साथ 14.50 लाख रुपए की ठगी की है। दोस्त ने रायपुर एम्स में नौकरी का झांसा दिया था। बाद में जब नौकर नहीं लगी तो पीड़ित को अपने साथ हुए धोखे का अंदाजा हुआ।

प्रार्थी मुकेश कोसरे को उसके दोस्त अभिषेक जायसवाल ने ही नौकरी का झांसा देकर ठगा है। प्रार्थी के पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी मुकेश पर ही थी। वो घर चलाने के लिए नौकरी की तलाश कर रहा था। उसने अपनी समस्या दोस्त के साथ शेयर की। दोस्त ने दोस्त की मजबूरी का फायदा उठाकर उससे लाखों रुपए ठग लिए।

कॉलेज के दोस्त हैं दोनों जानकारी के अनुसार प्रार्थी मुकेश कुमार कोसरे पिता स्वर्गीय कंवल सिंह कोसरे, निवासी वृंदा नगर, भिलाई ने पुलिस को बताया कि वे अपनी माताजी के साथ रहते हैं और पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। इसी दौरान उनके कॉलेज के परिचित मित्र अभिषेक जायसवाल पिता संतराम जायसवाल, निवासी जोन-3, खुर्सीपार भिलाई, उनसे संपर्क में आया। रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए।

बड़े अफसरों से जान पहचान का दिया हवाला पीड़ित युवक ने अपने कॉलेज मित्र अभिषेक के खिलाफ थाना वैशाली नगर में शिकायत देकर त्वरित एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थी मुकेश ने बताया कि दोस्त अभिषेक जायसवाल ने खुद को बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से जान पहचान का झांसा दिया था। अभिषेक लगातार बड़े अफसरों से सेटिंग की बात कह कर दोस्त मुकेश से पैसे लेते रहा।

एम्स में स्टाफ नर्स पद के लिए ज्वाइनिंग लेटर देने का किया था वादा आरोपी दोस्त ने रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स के पद पर नौकरी लगवाने का दावा और जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर देने की बात कहकर दोस्त से ही पैसे वसूलते रहा। यह राशि उसने उसने नगद और ऑनलाइन माध्यम से रकम की मांग की और भरोसा दिलाया कि कुछ ही दिनों में जॉइनिंग लेटर दिला देगा। प्रार्थी ने 1 सितंबर 2021 से 16 अक्टूबर 2022 के बीच अलग-अलग माध्यमों से कुल 14 लाख 50 हजार रुपये उसे दिए। इसमें से 94 हजार रुपये नगद एसबीआई सुपेला शाखा से निकालकर दिए गए, जबकि 8 लाख 86 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके अतिरिक्त 4 लाख 70 हजार रुपये नगद भी आरोपी को सौंपे गए। कुल मिलाकर 9 लाख 80 हजार रुपये ऑनलाइन और शेष नगद भुगतान किया गया।

नौकरी नहीं लगने पर पैसा लौटाने की बात से मुकरा मुकेश कोसरे ने बताया कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद न तो उन्हें रायपुर एम्स में नौकरी मिली और न ही कोई जॉइनिंग लेटर दिया गया। जबकि उसने कहा था कि अगर नौकरी नहीं मिली तो वो उसे पैसे वापस कर देगा। जब प्रार्थी ने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करता रहा। कुछ समय बाद आरोपी अपना मकान छोड़कर कहीं और चला गया। फोन पर संपर्क करने पर भी वह जल्द पैसा लौटाने का झूठा आश्वासन देता रहा। फिलहाल पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।

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