
अंबिकापुर में नए जिला कोर्ट बिल्डिंग का निर्माण वर्तमान न्यायालय परिसर में ही प्रस्तावित है। पहले प्रशासन ने चठिरमा में जमीन आवंटित की थी, लेकिन वकीलों के विरोध और आंदोलन के बाद यह योजना रद्द कर दी गई।
इसके बाद वर्तमान परिसर में नए भवन के निर्माण की मंजूरी दी गई। इसके लिए प्रशासन ने दो महीने पहले न्यायालय परिसर से सटी गुलाब कॉलोनी के 13 मकानों के कर्मचारियों को हटाया और मकान तोड़ दिए।
अवैध कब्जाधारियों पर बुलडोजर कार्रवाई
गुलाब कॉलोनी के पीछे की जमीन पर छह कब्जाधारियों को पहले ही कब्जा खाली करने का नोटिस दिया गया था। यह जमीन नजूल भूमि है, जिस पर कब्जाधारी सालों से काबिज थे और दुकानें चला रहे थे।
नोटिस मिलने के बाद कब्जाधारियों ने एसडीएम न्यायालय, कलेक्टर और कमिश्नर सरगुजा से अपील की, लेकिन यह खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने राजस्व न्यायालय में अपील की, जो 7 जनवरी को खारिज हो गई।
अंबिकापुर में बुलडोजर से कब्जा हटाने की कार्रवाई
प्रशासनिक अमले ने बुधवार को सभी कब्जाधारियों को 24 घंटे की मोहलत दी थी ताकि वे अपना कब्जा खाली कर सकें। सभी कब्जाधारियों ने अपना सामान समेट लिया था।
गुरुवार को प्रशासनिक टीम और निगम की टीम मौके पर पहुंची और 6 कब्जाधारियों के मकान और दुकानें बुलडोजर से ढहाना शुरू कर दिया। शाम तक सभी कब्जा हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।कब्जाधारियों ने कहा-प्रशासनिक गुंडागर्दी कब्जाधारियों जितेश गोयल, मुमताज बेगम, मनोज सिंह ने कहा कि वे करीब 60 सालों से इस जमीन पर काबिज हैं। उन्होंने 152 प्रतिशत की दर से जमीन के पट्टे के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन जमीनें उन्हें नहीं दी गई। प्रशासन ने उन्हें मात्र 24 घंटे का समय देकर कब्जा तोड़ दिया है। यह प्रशासनिक गुंडागर्दी है।SDM बोले-शुरू होगा न्यायालय भवन निर्माण कार्य अंबिकापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने कहा कि पूर्व में सभी को बेदखली आदेश जारी किया गया था। कब्जाधारियों की अपील 7 जनवरी को खारिज हो चुकी थी। इसकी जानकारी भी उन्हें थी। 24 घंटे पूर्व अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। यह जमीन न्यायालय भवन निर्माण के लिए आबंटित है। कब्जा हटाए जाने के बाद न्यायालय भवन का निर्माण शुरू हो सकेगा।