ममेरे-फुफेरे भाई बहनों की डबरी में डूबकर मौत

Chhattisgarh Crimes

बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के ग्राम गिर्रा में ममेरे-फुफेरे भाई बहनों की डबरी में डूबकर मौत हो गई। मृत बच्ची की उम्र साढ़े 4 साल और बच्चे की उम्र साढ़े 5 साल थी। मरने के बाद भी दोनों भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ रखा था। दोनों बच्चों के शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। मामला पलारी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम 4 बजे ग्राम गिर्रा के बाजार चौक निवासी घनश्याम धीवर की साढ़े 4 साल की बच्ची गीता धीवर अपने फुफेरे भाई 5 साल के केशव के साथ घर के बाहर खेल रही थी। लेकिन जब दोनों बच्चे काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिजन को चिंता हुई। उन्होंने बच्चों की आसपास काफी तलाश की लेकिन वो नहीं मिले।

डबरी के बाहर पड़ी थी बच्ची की चप्पल

पूरे गांव में ढूंढ़ने के बाद भी जब बच्चे नहीं मिले, तो गांव वालों के साथ परिजन डबरी के पास पहुंचे। वहां बच्ची की चप्पल पास ही पड़ी हुई थी। जिससे परिजन को अनहोनी की आशंका हुई। डबरी में उतरकर देखा तो उनके होश उड़ गए। दोनों मासूम एक-दूसरे का हाथ पकड़े डूबे नजर आए। दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

इधर, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाए गए। रविवार को दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम पलारी अस्पताल में किया जाएगा, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार हो सकेगा।

भाई को बचाने की कोशिश में डूबने की आशंका

गांव के ही रघुनंदन लाल वर्मा का कहना है कि बच्ची डबरी में अपने भाई का हाथ पकड़े हुए उसके ऊपर गिरी पड़ी थी। इससे ऐसा लगता है कि डबरी में पहले भाई गिरा होगा, जिसे बचाने बहन पानी में उतरी होगी। उसने भाई का हाथ पकड़ा होगा, लेकिन इसी दौरान वो भी उसके ऊपर पानी में ही गिर गई। इसी वजह से दोनों भाई-बहनों की मौत हो गई।

बेटे को मामा के घर छोड़ गई थी मां

परिजन ने बताया कि केशव की मां चमेली धीवर अपने भाई के यहां इलाज कराने आई थी। इसके बाद वो बेटे केशव को मामा के ही घर छोड़कर अपनी ससुराल तिल्दा लौट गई थी। इसी बीच ये हादसा हो गया और उसके बेटे की मौत हो गई। कलेजे के टुकड़े की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

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