राजधानी में अब वॉइस टेस्ट सॉफ्टवेयर से होगा अपराध दर्ज

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणाली की सुविधा को देश के सभी थानों में लागू किया है। इस प्रकार के तंत्र के तहत सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस थानें; अपराध और अपराधियों से संबंधित सूचनाओं के एकत्रीकरण, सूचना साझाकरण एवं रिपोर्ट दर्ज करने हेतु एक राष्ट्रीय स्तर के पोर्टल का प्रयोग करेंगे।

वही रायपुर में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। बता दे की अब थानों में टाइप करने के बदले वॉइस टू टेक्स्ट सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जायेगा। इससे बयाना लेने में आसानी होगी और समय भी बचेगा। आपको बता दे की ऐसे ही वॉइस टैक्स का इस्तेमाल मध्यप्रदेश के लगभग सभी थानों में किया जा रहा है। अब यह राजधानी रायपुर में भी इसकी शुरुवात की जा रही है।

वही प्रदेश में पुलिस विभाग को पूरी तरह से डिजिटल किया जा रहा है। CCTNS के तहत विभाग को अपडेट करने की कवायद जोरो से चल रही है। वही अब राजधानी के थानों में वॉइस टू टेक्स्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।

पहले लोगो से बयान लेने में और उसको टाइप करने में घंटो लगते थे वही वॉइस टू टेक्स्ट के इस्तेमाल से समय के साथ सही जानकारी का रिकॉर्ड रखने में सोहेलियत होगी।  ASP लखन पटले ने बताया कि वैसे तो टेक्स्ट से बोलने बस से सारी चीजे लिखा जाएगी। पहले इस काम में दो लोग लगते थे वही अब सिर्फ बोलने से भी टेक्स्ट सिस्टम में लिखा जायेगा। फ़िलहाल सिविल लाइन थाने में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है और कुछ ही दिन में राजधानी के पुरे थानों में इस से ही कार्य किया जायेगा।