किसान संघर्ष समिति के बुलावे पर कोकड़ी गांव में वनवासियों से डीएफओ ने की चर्चा

पूरन मेश्राम/मैनपुर। उदंती सीतानदी अभ्यारण क्षेत्र के टाइगर रिजर्व के इदराची गांव में विगत दिनों वन विभाग द्वारा अतिक्रमणकारियो के बेदखली कार्यवाही के बाद टाइगर रिजर्व क्षेत्र के गांव में यह अपवाह जोरों से फैली हुई हैं की वन विभाग 18 गांव जो इसकी जद्द में आते है बेदखली की कार्यवाही करने वाली है। अपवाहो के मद्देनजर किसान संघर्ष समिति राजापडाव क्षेत्र के द्वारा एक बैठक समिति अध्यक्ष दैनिक राम मंडावी के नेतृत्व में कोकड़ी गांव में रखा गया, जिसमें क्षेत्र भर के सैकड़ों ग्रामीणों के उपस्थिति में डीएफओ वरुण जैन ने ग्रामीणों के बीच फैली अपवाह पर सार्थक चर्चा किया।
गौरतलब हो कि किसान संघर्ष समिति राजापडाव क्षेत्र ने वर्तमान में जो अफवाह फैली है कि उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व के गांव को वन विभाग के द्वारा उजाडा़ जाएगा 18 गांव को हटाने की चर्चा क्षेत्र में है इसकी सच्चाई जानने के लिए उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक को अपने टीम के साथ बैठक में उपस्थित होकर सच्चाई को बयां करने, कितने गांव में कितने वन अतिक्रमणकारी कितने रकबा पर अतिक्रमित हैं उसकी जानकारी ग्रामीणों के बीच रखने की समिति द्वारा पहल किए जाने के बाद कोकड़ी की बैठक में डीएफओ वरुण जैन एवं वन विभाग की टीम ने शामिल होकर ग्रामीणों के बीच अपनी बात रखी। चर्चा परिचर्चा का दौर शुरू हुआ सबको समझाइश और प्रश्नों का संतुष्टि पूर्वक जवाब डीएफओ द्वारा दिया गया तथा एक्शन प्लान भी तैयार हुआ।
डीएफओ वरुण जैन ने उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि जंगल रहेगा तो आदिवासी वनवासियों का जिंदगी रहेगा जहां जंगल नहीं है वहां के रहवासियों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसते हुए देखा जा सकता है। जिसके पास जितना वन भूमि है वह पर्याप्त है उसी में गुजर-बसर करें और जंगलों को बचाने की दिशा में अपना कर्तव्य निभाए तब कही जंगल बचेगा जिसका उदाहरण देते हुए डीएफओ श्री जैन ने सबको समझाया गया।
डीएफओ ने स्पष्ट किया कि जंगलों की अवैध कटाई को वन विभाग बर्दाश्त नहीं करेगी उस पर कार्रवाई किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा की ऐसे लोगों को गांव से खदेड़ने के लिए भी वन विभाग तत्पर है आप सभी ग्रामीण वन विभाग का सहयोग करें और जंगल को बचाने के लिए सब कोई मिलकर के काम करें बाहरी लोगों के द्वारा इस क्षेत्र में आकर बसाहट करते हुए अवैध वन भूमि पर अतिक्रमण करके खेती कर रहे हैं उन्हें वहां से हटाने की कार्यवाही में आप सभी लोग हमें सहयोग प्रदान करें।
डीएफओ ने बताया कि 2005 के बाद वन भूमि को अतिक्रमण करके घर बाड़ी झोपड़ी खेती योग्य जमीन बनाया गया है, उस पर कार्रवाई होना तय है वन अतिक्रमणकारी अपना सबूत पेश करें तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा उन्होंने बताया कि सेटेलाइट ड्रोन कैमरा से पूरे क्षेत्र के जंगलों का सर्वे किया जाएगा जिसमें दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा । आप सभी ग्रामीण और समिति मुखिया इस पुनीत कार्य में सहयोग प्रदान करें तो जंगल आप सबके लिए बचा रहेगा अन्यथा जंगलों को रेगिस्तान बनने में देरी नहीं लगेगी। डीएफओ ने बताया कि 10 दिवस के भीतर पूरे क्षेत्रों में वन विभाग की टीम ग्रामीणों के सहयोग से सैटेलाइट सिस्टम के द्वारा वन क्षेत्रों में अतिक्रमणकारियों का सर्वे कर पूरी जानकारी ग्रामीणों को सौंप देगी, उस पर ग्रामसभा निर्णय लेते हुए उचित कार्यवाही करेगी ऐसा उम्मीद और विश्वास डीएफओ वरुण जैन के द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को कहीं गई।
बैठक में डीएफओ ने स्पष्ट किया की क्षेत्र से कोई भी गांव नहीं हटेगा सभी गांव यथावत रहेंगे जिसके द्वारा अवैध कटाई और अतिक्रमण किए हैं उस पर ही कार्यवाही किया जाएगा।
बैठक में समिति मुखियाओ ने अवैध अतिक्रमण कारियो पर पैनी नजर रखते हुए जंगल बचाने की दिशा में कार्य करने की बात कही गई और पूरे पंचायत क्षेत्रों में टीम बनाकर सेटेलाइट सर्वे के लिए वन विभाग को सहयोग करने की बात कही ।