
जानकारी के अनुसार, गीताबाई किराए के मकान में रहती थी और रोजी-मजदूरी का काम करती थी। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए वह कूलर में पानी डाल रही थी। इसी दौरान अचानक कूलर में पहले से फैले करंट के कारण वह उसकी चपेट में आ गई। करंट लगते ही वह ज़मीन पर गिर गई और तड़पने लगी। मौके पर मौजूद मकान मालिक ने उसे देखा और फौरन नगरी के सिविल अस्पताल ले गए।
इलाज के दौरान महिला की हुई मौत
जहां महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस को सूचना मिलने पर उन्होंने मौके पर पहुंचकर जांच की। पंचनामा कार्रवाई और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गीताबाई के पति मुरारी यादव का पहले ही निधन हो चुका था। इस घटना से पूरे वार्ड में शोक की लहर है। गर्मी से बचने के लिए कूलर का इस्तेमाल करना गीताबाई के लिए जानलेवा साबित हुआ।