ड्रग्स के अंतरराज्यीय कारोबार से जुड़े एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया

Chhattisgarh Crimesड्रग्स के अंतरराज्यीय कारोबार से जुड़े एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी ड्रग्स को आलू-प्याज और टिश्यू पेपर के बीच कई लेयर में छिपाकर पार्सल के जरिए भेज रहे थे, ताकि वह जांच एजेंसियों की पकड़ में न आए। तीन दिनों में की गई तीन कार्रवाइयों में पुलिस ने 12 ग्राम एमडीएम ड्रग्स के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इसमें दो डिलीवरी बॉय ट्रेन से पकड़े गए, जबकि दिल्ली से आ रहा सप्लायर कोयला कारोबारी के साथ चोटिया में गिरफ्तार किया गया। शनिवार शाम पुलिस लाइन बिलासागुड़ी में एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को इस नेटवर्क की एक छोटी टीप मिली थी, जिसकी जांच के दौरान अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की जानकारी सामने आई।

14 मई की सुबह पुलिस ने उत्कल एक्सप्रेस से एक पार्सल में 8 ग्राम एमडीएम ड्रग्स बरामद की। पार्सल एक डिलीवरी बॉय लेकर आ रहा था, जिससे पूछताछ में पता चला कि पार्सल दिल्ली से भेजा गया था। इसके बाद एक टीम दिल्ली रवाना हुई, लेकिन आरोपी वाराणसी, उत्तर प्रदेश में था। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से टीम ने उसका पीछा किया।

इस बीच वह छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर गया। सीएसपी निमितेश सिंह, एसीसीयू और रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने चोटिया में घेराबंदी की। दिल्ली पासिंग गाड़ी नहीं मिलने पर रतनपुर व बेलतरा टोल नाकों पर वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान दिल्ली के सप्लायर शुभम दत्त, सुमित कुमार, कोयला कारोबारी राजू सिंह और रितेश शर्मा को सीजी 04 सीरिज की गाड़ी से पकड़ा गया।

रातभर चली पूछताछ में आरोपियों से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिन पर पुलिस टीम काम कर रही है। साथ ही ड्रग्स मंगवाने वालों की जानकारी भी एकत्र की जा रही है। एसपी ने पुलिस टीम की सराहना की है।

ड्रग्स की पैकिंग: चार लेयर में होती थी, पकड़ना मुश्किल
उत्कल एक्सप्रेस से 14 मई को पकड़ी गई ड्रग्स की पैकिंग कोरियर पार्सल की तरह की गई थी। पार्सल खोलने पर उसमें पावर बैंक का बॉक्स निकला, जिसमें वजन संतुलित करने के लिए एक आलू और एक प्याज रखा गया था। इनके बीच 10 छोटे-छोटे जिपर पैकेट्स में 8 ग्राम ड्रग्स छिपा था।

17 मई को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से भी इसी तरह 3 ग्राम ड्रग्स बरामद की गई, जिसे तीन परतों में पैक किया गया था और अंतिम बॉक्स में 100 से अधिक टिशू पेपर के बीच छिपाकर रखा गया था। ऐसी तकनीकी पैकिंग के चलते ये लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे।

अटेंडर व पेंट्रीकार का असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार
पुलिस ने उत्कल एक्सप्रेस में ड्रग्स लेकर आ रहे पेंट्रीकार के कोच असिस्टेंट मैनेजर प्रदीप कुमार (निवासी सोनीपत, हरियाणा) को 14 मई को गिरफ्तार किया। वहीं 17 मई को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से ड्रग्स ला रहे एसी कोच के अटेंडर विवेक यादव (निवासी किरौली, राजस्थान) को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने कुल 11 ग्राम ड्रग्स की डिलीवरी की थी। तिफरा इंदू अमेजिका निवासी कोयला कारोबारी राजू सिंह और मस्तूरी निवासी रितेश शर्मा पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गिरोह करता था सप्लाई
दिल्ली का यह गिरोह छत्तीसगढ़ के कई जिलों बिलासपुर, रायपुर, जांजगीर, बलौदा बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था। युवाओं में इसकी डिमांड बढ़ रही थी और वे चोरी-छिपे महंगे सूखे नशे के जाल में फंस रहे थे।

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