
रायपुर। किसान संगठनों ने केंद्र सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ की अगुवाई में किसान संगठनों ने सोमवार को रायपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा, साहब-केंद्र सरकार ने हमें धोखा दिया है।
रायपुर और आसपास के किसान कलेक्ट्रेट के पास स्थित डॉ. भीमराव आम्बेडकर की प्रतिमा के पास इकट्ठा हुए। वहां उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। बाद में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल नारे लगाता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। वहां कलेक्टर कार्यालय के बाहर किसानों ने प्रदर्शन किया। कलेक्टर ने पांच लोगों को भीतर आकर ज्ञापन देने को कहा तो किसानों ने मना कर दिया। बाद में अपर कलेक्टर खुद बाहर आए। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए किहा , साहब! केंद्र सरकार ने हमें धोखा दिया है। उसके विरोध में हम विश्वासघात दिवस मना रहे हैं। यह ज्ञापन है, जिसे आप केंद्र सरकार को भेज दें।
किसानों ने अपने ज्ञापन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित किया था। ज्ञापन के बाद किसानों ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले पर देश भर में ऐसे प्रदर्शन हो रहे हैं। केंद्र सरकार जब तक सभी वादे पूरे नहीं करती किसान मानने वाले नहीं है। अगर मोर्चा आह्वान करता है तो किसान फिर से आंदोलन शुरू करने को तैयार हैं।
छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ संयोजक मंडल के तेजराम विद्रोही ने कहा, जिन शर्तों पर दिल्ली की सीमाओं से आंदोलन स्थगित हुआ था, उनमें से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के अलावा केंद्र सरकार ने कोई वादा पूरा नहीं किया। आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज केस को तत्काल वापस लेने और शहीद परिवारों को मुआवजा देने के वादे पर पिछले दो सप्ताह में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के मुद्दे पर सरकार ने कमेटी के गठन की कोई घोषणा नहीं की है।