
सभी जमीनों की रजिस्ट्री एक ही दिन हुई है। सभी जमीन 0.03 हेक्टेयर से लेकर 0.04 हेक्टेयर के छोटे टुकड़ों में हैं। उल्लेखनीय है कि भारतमाला रोड प्रोजेक्ट की जमीनों के अधिग्रहण के दौरान भी किसानों की जमीनों को भूमाफिया और राजस्व अधिकारियों ने मिलीभगत के जरिए छोटे टुकड़ों में बांटा था।
इससे अधिक मुआवजा मिला। नई रेलवे लाइन में भी यही खेल दोहराने की तैयारी है। कलेक्टर के आदेश के बावजूद जमीनों के छोटे टुकड़ों की राजस्व अधिकारियों ने खरीदी-बिक्री की प्रक्रिया पूरी कर दी है। इससे बड़े मुआवजे के लिए बड़ा रैकेट सक्रिय होने की आशंका है।